मंगुरा बाजार (गोंडा)। बेलसर के सेमरी कला पूरे पासी में एक ही परिसर में जूनियर हाईस्कूल और प्राइमरी स्कूल चल रहा है, कम्पोजिट स्कूल का नाम तो मिल गया लेकिन स्कूल तक जाने का रास्ता नहीं था। आठ साल से बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता था। स्कूल के सामने सोतिया नाला होने के कारण बच्चों को पानी से होकर आना पड़ रहा था।
इस बार बारिश अधिक होने से नाले में उफान आ गया, पानी भरा होने के कारण बच्चों के साथ ही शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कम्पोजिट स्कूल सेमरी कला के प्रधानाध्यापक संत कुमार तिवारी ने नाले पर पुलिया बनाने के लिए अभिभावकों से बात किया। उन्होंने अपने स्तर से भी मदद की, गांव के लोग तैयार हुए और अब लकड़ी व पटरे की पुलिया बनकर तैयार हो गया। गांव के लोगों ने प्रधानाध्यापक की पहल पर खुशी जताई।
मामला शिक्षा क्षेत्र बेलसर के कंपोजिट विद्यालय सेमरी कला पूरे पासी का है। विद्यालय का निर्माण 2009/2010 में हुआ था। विद्यालय के चारो तरफ नाले का पानी भर जाने के कारण विद्यालय तक पहुंचने के लिए शिक्षकों व बच्चों को एक किमी से अधिक दूरी का चक्कर काटना पड़ता था। प्रधानाध्यापक संत कुमार तिवारी ने बताया कि सोतिया नाले के पानी से काफी दिक्कत हो रही थी।
खंड शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश सिंह को इसके बारे में जानकारी दी गई। बीईओ ने खंड विकास अधिकारी को पुलिया निर्माण के लिए लिखा। लेकिन पुलिया बनने से पहले भारी बरसात होने लगी। नाला उफान पर आ गया और पुलिया निर्माण नही हो सका। प्रधानाध्यापक संत कुमार तिवारी ने बताया कि लगातार विद्यालय पहुंचने में हो रही दिक्कत को दूर करने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष यदुनाथ से बात किया।
यदुनाथ ने गांव के विद्या, राम लौटन, दान बहादुर, रमेश, लल्लू से बात किया और इन सभी लोगों ने शारीरिक श्रम करने की बात कही। यहां पर तैनात सहायक अध्यापक नरेंद्र मिश्र दो पेड़ सफेदा दान किए। प्रधानाध्यापक ने बताया कि 6 पेड़ सफेदा का अलग से खरीद कर लाया गया। शिक्षक नेता राजेश शुक्ल ने शिक्षकों व गांव के लोगों के प्रयास को सराहा है।
शिक्षकों ने जुटाए संसाधन, लोगों ने किया श्रमदान
स्कूल के सामने नाले पर लकड़ी का पुलिया बनाने के लिए शिक्षकों ने संसाधन जुटाए। सफेदा के आठ पेड़ों की जरूरत थी, उसे अपने पास दिया। इसके बाद प्रबंध समिति के अध्यक्ष यदुनाथ की अगुवाई में विद्या, रामलौटन, दान बहादुर, रमेश, लल्लू, सियाराम, संगीता, भगवान प्रसाद, सुमन ने श्रमदान किया। लोगों ने तीन दिनों में कड़ी मशक्कत करके लकड़ी के पुलिया का निर्माण करा दिया। अब पुलिया का ट्रायल भी शिक्षकों ने किया कि ठीक से बना है कि नही। इसके बाद अब उसे और मजबूत करके आने जाने के लिए प्रयोग में लाना शुरू कर दिया।
पानी कम होते ही सोतिया नाले पर बन जाएगी पुलिया
कम्पोजिट स्कूल सेमरी कला पूरे पासी में अभी तो लकड़ी पुलिया शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने तैयार कर लिया है। लेकिन उन्हें जल्द ही पक्की पुलिया मिल जाएगी। खंड विकास अधिकारी सदानंद चौधरी ने कहा कि उन्हें स्कूल के सामने सोतिया नाले से होने वाली समस्या की जानकारी मिली है। नाले में अभी पानी है, ऐसे में पानी कम होते ही पुलिया का निर्माण प्राथमिकता पर कराया जाएगा। उन्होंने गांव के लोगों और शिक्षकों की पहल को सराहा।
कंपोजिट स्कूल सेमरीकला पूरे पासी के सामने सोतिया नाले में अधिक पानी आ गया है। इससे चारों ओर पानी भरा है, स्कूल के शिक्षकों और प्रबंध समिति के सहयोग से अस्थाई पुलिया बनाया गया है। बीडीओ को पहले ही रिपोर्ट दी गई थी, जल्द ही पुलिया भी बन जाएगी।
- आनंद प्रकाश सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी