गोंडा। बोर्ड परीक्षा के कापियों के मूल्यांकन में लापरवाही पर विभाग सख्त हो गया है। मूल्यांकन में सोमवार तक कार्यभार ग्रहण न करने वालों का वेतन रुकेगा। अभी तक 890 शिक्षकों ने ड्यूटी नहीं की है। पांचों केंद्रों पर 1680 परीक्षकों को मूल्यांकन करना था, लेकिन 790 परीक्षक ही ड्यूटी पर आए। जिससे पहले दिन 2961 कॉपियों का मूल्यांकन हो सका है। इस स्थिति पर डीआईओएस राकेश कुमार ने कड़ा कदम उठाया है। सभी कॉलेजों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी। कहा कि सोमवार को परीक्षक कार्यभार ग्रहण कर मूल्यांकन करें, अन्यथा इसके बाद वेतन रोक दिया जाएगा।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की स्थिति पहले दिन बहुत खराब रही। परीक्षकों ने ड्यूटी ही नहीं की। राजकीय इंटर कॉलेज में 233 परीक्षकों में 84 परीक्षक ही ड्यूटी पर आए। यहां एक लाख 10 हजार 908 कॉपियों का मूल्यांकन होना है। जीजीआईसी में 277 परीक्षकों में 165 आए, यहां एक लाख 12 हजार 617 कॉपियों में 220 का ही मूल्यांकन हो सका। शहीदे आजम भगत सिंह इंटर कॉलेज में 357 परीक्षकों में 155 ही ड्यूटी पर आए, और 99 हजार 227 कॉपियों में 975 कॉपियों को जांचा गया। श्री गांधी रेलवे इंटर कॉलेज में 441 परीक्षकों में 250 ड्यूटी पर आए और एक लाख 30 हजार 349 कॉपियों में 1113 की ही जांच हो सकी है। जिगर मेमोरियल इंटर कॉलेज में 372 परीक्षकों में 136 ने मूल्यांकन किया। यहां पर एक लाख 59 हजार 536 कॉपियों में 224 कॉपियों का मूल्यांकन ही हो सका। इस तरह की स्थिति से समय से कॉपियों का मूल्यांकन नहीं हो पाएगा। डीआईओएस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। चेतावनी दी है, कहा कि सोमवार को परीक्षक ड्यूटी पर नहीं आए तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वेतन का भुुगतान रोक दिया जाएगा और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।