गोंडा। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच कर उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था की पहचान करने के लिए महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इसमें 63 लाभार्थियों की प्रसव पूर्व जांच करने पर पांच गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की गई।
मातृ एवं शिशु मृत्युदर कम करने के लिए अब महीने में दो बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान चलाया जाएगा। हर महीने की नौ तारीख को पहले से ही यह अभियान चलाया जा रहा था, अब महीने की 24 तारीख को भी सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जाएगी। इस बार महीने के 24 तारीख को रविवार पड़ने के कारण सोमवार को जिला महिला अस्पताल व प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) पर सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान चलाया गया।
जिला महिला अस्पताल में 63 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की गई। यहां आई महिलाओं का प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, वजन, ब्लड प्रेशर एवं अन्य जांच निशुल्क की गई। इनमें से पांच महिलाओं में उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान की गई। इन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाएगा।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि नियमित जांच व उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था की चिह्नित लाभार्थी की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। अब महीने में दो बार नौ व 24 तारीख को सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जाएगा। महिला अस्पताल में डॉ. सुवर्णा कुमार, डॉ. सौम्या चौबे, डॉ. ज्योतिमा व डॉ. ललिता केयरकेट्टा आदि ने गर्भवतियों का जांच कर इलाज किया।