गोंडा। जिले में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों का सर्वे शुरू होगा। इसके लिए शिक्षामित्र घर-घर जाकर उल्लास एप के माध्यम से ऐसे लोगों को चिह्नित करेंगे, जो पढ़ना-लिखना नहीं जानते। सर्वे के आधार पर उन्हें साक्षरता कार्यक्रम से जोड़कर सितंबर 2026 तक साक्षर बनाया जाएगा।
जिले में वर्ष 2026-27 के लिए 17 हजार निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य है। सर्वे के दौरान महिलाओं और पुरुषों दोनों का चिह्नांकन किया जाएगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत सहायकों और अन्य स्वयंसेवकों का भी सहयोग लिया जाएगा। अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में रैली, बैठक, नुक्कड़ नाटक और अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे। ताकि अधिक से अधिक लोग साक्षरता अभियान से जुड़ सकें।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सर्वे कार्य निर्धारित समय में शत-प्रतिशत पूरा कराया जाए। जिन विद्यालयों में शिक्षामित्र नहीं हैं, वहां सहायक अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सर्वे में लापरवाही या बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षामित्रों व संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक विकासखंड से नियमित प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है।