एल्गिन-चरसड़ी तटबंध पर ईंट बदलकर लगाया जा रहा खड़ंजा। स्रोत: विभाग
करनैलगंज। एल्गिन-चरसड़ी बांध पर खड़ंजा निर्माण में पीली ईंटों के इस्तेमाल मामले में विभाग हरकत में आ गया है। सिंचाई एवं बाढ़ खंड विभाग ने मौके पर लगी खराब ईंटों को हटवाना शुरू कर दिया है। अब उनकी जगह अव्वल दर्जे की ईंटें लगाई जा रही हैं।
19 जून को अमर उजाला में प्रकाशित एक खबर में खड़ंजा निर्माण में पीली ईंटों के प्रयोग का मुद्दा उठाया गया था। इसमें एल्गिन-चरसड़ी बांध पर मानक के विपरीत ईंटें लगाने की सूचना दी गई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए विभाग ने निर्माण सामग्री की जांच कराई। जांच के बाद ठेकेदार को खराब ईंटें हटाने के निर्देश दिए। उसे प्रथम श्रेणी की ईंटें लगाने को कहा गया।
इसके बाद से बांध पर अव्वल ईंटें लगाने का काम शुरू हो गया। एल्गिन-चरसड़ी बांध पर करीब 9.300 किलोमीटर हिस्से में खड़ंजा बन रहा है। इस कार्य के लिए दो करोड़ 81 लाख 97 हजार रुपये की लागत स्वीकृत है। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे।
अवर अभियंता अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि पीली ईंटों का प्रयोग रोक दिया गया है। सभी खराब ईंटें हटवाकर मानक के अनुसार अव्वल दर्जे की ईंटें लगाई जा रही हैं।