सुभागपुर रेलवे क्रासिंग पर फाटक खुलने के बाद लगा जाम। -संवाद
गोंडा। सुभागपुर रेलवे क्रॉसिंग पर हर 30 मिनट में फाटक बंद होने से रोजाना 50 हजार से अधिक लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। स्कूल-कॉलेज जाने छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा लोग, मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस व व्यापारी सहित अन्य लोग इस समस्या से परेशान हैं। क्रॉसिंग बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को 15 से 20 मिनट तक जाम में फंसकर परेशान होना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार 24 घंटे में 46 से 50 बार फाटक बंद होता है।
गोंडा से इटियाथोक, बलरामपुर, तुलसीपुर तक जाने वाले हजारों लोगों को रोजाना सुभागपुर रेलवे क्राॅसिंग पर जाम में फंसना पड़ता है। प्रतिदिन दस से 12 बार रेल का इंजन जोड़ा जाता है। इसमें करीब 20 से 25 मिनट लग जाते हैं। सामान्य ट्रेन को क्रॉस कराने में भी करीब 15 मिनट लगते हैं। पूर्वोत्तर रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य पंकज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए रेलमंत्री से पत्राचार किया गया है।
बोले लोग- ओवरब्रिज बने या अंडरपास की हो व्यवस्था
स्थानीय व्यापारी राहुल शुक्ल ने कहा कि हमारी दो दुकानें क्राॅसिंग के पार हैं। प्रतिदिन कई बार क्राॅसिंग पार करकेे जाना पड़ता है, लेकिन अधिकांश बार फाटक बंद होने के कारण मुश्किल का सामना करना पड़ता है। 24 घंटे में करीब 46 से 50 बार फाटक बंद होता है। रामजनम तिवारी ने बताया कि सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ते समय अधिकांश दिनों फाटक बंद मिलता है। ऐसे में देरी होने पर बच्चों को स्कूल में डांट खानी पड़ती। अधिवक्ता कृष्णानंद मिश्र ने बताया कि मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ जाने के लिए निकले थे। तुलसीपुर पहुंचने में दो घंटे के स्थान पर साढ़े तीन घंटे का समय लगा। क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज या अंडरपास बनवाने की जरूरत है।