नवाबगंज थाने में तैनात दरोगा अमर पटेल। -स्रोत: विभाग
डुमरियाडीह/गोंडा। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की ट्रैप टीम ने मंगलवार को नवाबगंज थाने में तैनात दरोगा अमर पटेल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आजमगढ़ जिले के थाना रौनापार के आराजी देवारा करकिया गांव के रहने वाले दरोगा ने मुकदमे से नाम निकालने के लिए एक आरोपी से रिश्वत मांगी थी। टीम ने वजीरगंज थाने में आरोपी दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
नवाबगंज के विश्नोहरपुर गड़रियन पुरवा निवासी बृजेश यादव ने बताया कि पूरे शंभू रघुनाथपुर निवासी हरिश्चंद मिश्र ने 23 दिसंबर को नवाबगंज थाने में दंगा भड़काने समेत विभिन्न आपराधिक मामलों में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बृजेश यादव समेत पांच लोगों को नामजद किया गया था। इसकी तफ्तीश दरोगा अमर पटेल को मिली थी। बृजेश के मुताबिक दरोगा पटेल ने उनसे मुलाकात की और एफआईआर में जानलेवा हमले की धारा बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दी। फिर एफआईआर से नाम निकालने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की। बृजेश के मुताबिक उन्होंने रकम कम करने के लिए कहा, लेकिन दरोगा नहीं माने। इसके बाद उन्होंने एंटी करप्शन थाने में शिकायत की। ट्रैप टीम के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि शिकायत करने के बाद बृजेश यादव ने दरोगा अमर पटेल से एफआईआर से नाम निकालने की बात की और रुपये देने को तैयार हो गए। दरोगा ने बृजेश को मंगलवार दोपहर नवाबगंज ब्लॉक परिसर में बुलाया। जहां बृजेश ने दरोगा अमर पटेल को केमिकल लगे नोट दिए। दरोगा ने जैसे ही रुपये हाथ में पकड़े, टीम ने उसे दबोच लिया।
टीम के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि आरोपी दरोगा को बुधवार को गोरखपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पहले भी लगा था घूस मांगने का आरोप
विश्नोहरपुर। नवाबगंज थाने के बीट नंबर चार में तैनात दरोगा अमर पटेल पर पहले भी घूस मांगने का आरोप लग चुका है। तुलसीपुर माझा निवासी रामदेव यादव ने पेड़ कटवाने व मिट्टी के अवैध खनन की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। सही निस्तारण न होने पर वह बार-बार पोर्टल पर शिकायत कर रहे थे, इससे नाराज दरोगा ने रामदेव यादव को हवालात में डाल दिया था। मामले में सीएम पोर्टल पर दरोगा के खिलाफ थाने में जबरन बैठाने व फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के साथ ही छोड़ने के एवज में चार हजार रुपये घूस मांगने का आरोप लगा था।