गोंडा। गोंडा। जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री व संभावित तस्करी को लेकर एफएसडीए ने बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही एक फार्मा कंपनी का लाइसेंस निरस्त किया गया है।
क्रय-विक्रय का कोई रिकॉर्ड न मिलने से तस्करी की आशंका जताई जा रही है। टीम ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एफएसडीए टीम ने बीते दिनों मेडिकल कॉलेज के सामने छेदीपुरवा स्थित मार्गोलिस्ट एंड रोमर फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड में जांच की थी। वहां पर बड़ी मात्रा में निकोडीन-सीडी कफ सिरप मिला। एजेंसी संचालक सिरप की खरीद, बिक्री व आपूर्ति से जुड़े कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। सिरप कहां से आया, कितनी मात्रा में खरीदा गया और किसे बेचा गया, इसका रिकॉर्ड भी नहीं मिला। अवैध सप्लाई चेन की आशंका के चलते इस फार्मा एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करते हुए दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
बाबागंज स्थित वीरेंद्र मेडिकल स्टोर, खरगूपुर स्थित पांडेय मेडिकल स्टोर तथा धानेपुर स्थित रिपब्लिक मेडिकल एजेंसी में भी कोडीन युक्त कफ सिरप पाया गया। इन तीनों मेडिकल स्टोर में क्रय-विक्रय के अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
एफएसडीए ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज की जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा ने बताया कि बच्चों का कोडीन युक्त कफ सिरप बेचने पर प्रतिबंध है। इसको लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है।
चार फर्मों पर हुई कार्रवाई
विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण कर चार फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से तीन का लाइसेंस निलंबित किया गया है। एक फर्म का लाइसेंस निरस्त किया गया है। दस्तावेजों की जांच कार्रवाई जा रही है।
सुमित वर्मा, औषधि निरीक्षक