गोंडा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का ‘’गीत नया गाता हूं...’’ और जनकवि अदम गोंडवी की गजल ‘’भूख के एहसास को शेरो-सुखन तक ले चलो...’’ को अब मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालय ने दोनों विभूतियों की रचनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के हिंदी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मद्देनजर पाठ्यक्रम का मसौदा तैयार किया गया है। इसमें बीए तृतीय वर्ष हिंदी के पाठ्यक्रम में देवीपाटन मंडल का हिंदी साहित्य शामिल किया गया है।
महाकाव्य परंपरा में गोस्वामी तुलसीदास रचित राम चरितमानस, महात्मा बनादास के उभय प्रबोधक रामायण, हीरा सिंह मधुर के शांति सरोवर, बाबू नानक चंद के कामदेव व ऋषिराम तिवारी सरल को स्थान मिला है।
खंड काव्य में डॉ. सूर्यपाल सिंह की रात साक्षी है, शिवाकांत मिश्र विद्रोही के वीरभद्र के साथ ही संप्रदाय प्रवर्तक के तौर पर स्वामी नारायण की जीवन यात्रा, जैन व बौद्ध परंपरा को पढ़ाया जाएगा। (संवाद)