गोंडा। जिले में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते ही बीते 24 घंटे में टाइफाइड पीड़ित एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं महाराजा देवीबख्श सिंह राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी में भी बुखार पीड़ितों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान 282 मरीजों का परीक्षण कर इलाज किया गया। जांच के दौरान 14 पीड़ितों में डेंगू की पुष्टि भी हुई। इन्हें मिलाकर डेंगू पीड़ितो की संख्या 150 तक पहुंच गई है।
कौड़िया के ग्राम पंचायत बिरवा निवासी रजनीश ओझा (17) 10वीं का छात्र था। बीती 20 अक्तूबर से वह तेज बुखार से पीड़ित था। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद भी हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने उसे लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां जांच में टाइफाइड की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मचा है।
वहीं मेडिकल कॉलेज में बुखार पीड़ितों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। चार फिजीशियन की ओपीडी में बृहस्पतिवार को बुखार से पीड़ित 282 मरीजों का परीक्षण कर लक्षण के आधार पर इलाज के लिए दवा दी गई। इस दौरान अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कटराबाजार के गौरवा कला निवासी सचिन तिवारी (20), रानीबाजार निवासी अनामिका (20) व वीरपुर विसेन निवासी उधव सिंह (80) को बुखार के कारण मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. वीके गुप्त ने बताया कि कंट्रोल रूम की दो टीमें जिले में भ्रमणशील रहती हैं। जहां से सूचना मिलती है, वहां टीम भेजकर दवाएं वितरित कराई जा रही है। वहीं संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत बुखार व अन्य बीमारियों को लेकर जागरूक किया जा रहा है।