गोंडा। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब “स्टे होम” और “बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी)” सुविधा की शुरुआत की जा रही है। इससे न केवल पर्यटकों को ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिलेगी, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय संस्कृति, कला, व्यंजन और विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
रामनगरी अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद गोंडा के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। पर्यटकों को ठहरने, नाश्ते और घरेलू माहौल की जरूरत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने “स्टे होम व बी एंड बी नीति 2025” लागू की है। इसके तहत कोई भी भवन स्वामी अपने घर के हिस्से में स्टे होम, बी एंड बी या डारमेट्री की सुविधा विकसित कर सकेगा। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और आवेदन के 30 दिन के भीतर निरीक्षण व सत्यापन की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
इस नीति के लागू होने से गांवों की पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प को मंच मिलेगा। छोटे उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा और जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
योजना में पंजीकरण के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। इसमें एसपी, जिला अग्निशमन अधिकारी, नगर निकाय कर अधीक्षक, जिला पंचायत व ग्राम पंचायत प्रतिनिधि तथा पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। सत्यापन के बाद ही अनुमति जारी की जाएगी।
सिल्वर-गोल्ड श्रेणी से परखी जाएगी गुणवत्ता
स्टे होम व बी एंड बी को सुविधाओं के आधार पर सिल्वर और गोल्ड श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा। पार्किंग, कमरे का क्षेत्रफल, 24 घंटे गर्म पानी, टीवी, जिम व स्वच्छता जैसी सुविधाएं मानक तय करेंगी। पंजीकरण के लिए न्यूनतम एक और अधिकतम छह कमरे जरूरी होंगे। 12 बिस्तरों वाली डारमेट्री को भी बी एंड बी श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
बोले अधिकारी
“शासन से लक्ष्य प्राप्त हुआ है। 10 फरवरी को गांधी पार्क स्थित टाउनहाॅल में लोगों को नई नीति की जानकारी दी जाएगी। पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस नीति से रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।”
— बाबूराम, उद्योग उपायुक्त