दीपावली के दूसरे दिन यम द्वितीया पर बहनों ने भाइयों के माथे पर रोली तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। दीपावली के दूसरे दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भैया दूज का त्यौहार जिले भर में धूमधाम से मनाया गया।
बताया जाता है कि इस दिन बहन के घर पहुंचकर भोजन करने से लंबी उम्र की कामना पूरी होती है। ऐसी मान्यता है कि यमराज व्यस्तता के चलते कभी अपनी बहन यमुना के घर नहीं जा पाते थे, जबकि बहन यमुना हमेशा भाई का हालचाल लेने घर जाया करती थी।
एक बार यमुना नाराज हो गई और कहा कि आपको आना ही होगा। इस पर यमराज आज ही के दिन अपनी बहन यमुना के घर गए और भोजन किया। नाराज बहन को खुश करने के लिए उन्होंने वरदान मांगने को कहा कि तो यमुना जी ने कहा कि आज के दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर जाकर भोजन करेगा, उसकी अकाल मृत्यु न हो। इस पर यमराज तथास्तु कहकर अपने घर चले गए।
तब से माना जाता है कि जो भाई अपनी बहन के घर पहुंचकर भोजन करता है, उसकी लंबी उम्र की कामना पूरी होती है। यहां भाइयों ने बहनों के घर पहुंचकर भोजन किया और जहां भाई घर नहीं पहुंच सके, वहां बहनों ने भाइयों के पास जाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की।