गोंडा। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए अस्पतालों में परचा और दवा का काउंटर अलग बनाया जाए। सोमवार को अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों ने यह मांग उठाई। उन्होंने विकास भवन के तीसरे तल पर स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय को भूतल पर स्थानांतरित करने की भी मांग की, जिससे बुजुर्गों को वहां पहुंचने में कठिनाई न हो।
पेंशनर्स कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष केबी सिंह ने 21 मार्च 2016 से लागू वरिष्ठ नागरिक नीति का पालन कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चार बार विधायक रहे रघुराज उपाध्याय (91) जैसे एकाकी जीवन जी रहे बुजुर्गों की समय-समय पर देखभाल का दायित्व प्रशासन को उठाना चाहिए। एनबी सिंह ने एक अक्तूबर से लागू होने वाली नई नीति का सरलीकरण करने और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
प्रदेश संयुक्त मंत्री अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि अस्पतालों में बुजुर्गों के परचे का रंग अलग होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की निशुल्क चिकित्सा के लिए शासन से जारी दीनदयाल कार्ड को ज्यादातर निजी अस्पताल स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने कोरोना काल से पूर्व रेलवे में बुजुर्गों को किराये में मिलने वाली छूट दोबारा शुरू करने की मांग की।
केबी त्रिपाठी ने कहा कि बुजुर्गों की मदद के लिए संचालित टोल फ्री नंबर 14567 जल्दी उठता नहीं है। इस नंबर पर समस्याओं के समाधान की सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अशोक सिंह ने शहर में सीवर लाइन न होने से हो रही परेशानी बताई। कैलाश सिंह व लाल बहादुर खान ने सीएमओ कार्यालय में महीनों से लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पत्रावलियों का हर महीने निस्तारण करने की मांग की।
बृजमोहन आर्य ने वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक व सरकारी कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक बुलाने की बात कही। कपिल देव सिंह ने अस्पताल में भर्ती होने के साथ-साथ ओपीडी में भी दीनदयाल कार्ड का लाभ मिलने की मांग की। देवाशीष बनर्जी ने सुझाव दिया कि 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन में मिलने वाली 20 प्रतिशत बढ़ोतरी को एकमुश्त देने के बजाय हर पांच वर्ष पर पांच-पांच प्रतिशत दिया जाए। नंद कुमार सिंह ने तहसील स्तर पर गठित शिकायत निवारण फोरम को सक्रिय बनाने पर बल दिया।