अंबेडकरनगर के इन बदहाल क्रय केंद्रों पर गेहूं के भंडारण को लेकर आगामी दिनों में होगा संकट।
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जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने किसानों की गेहूं खरीद की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जनपद के सभी गेहूं क्रय केंद्रों का बृहस्पतिवार को औचक निरीक्षण कराया, जिसमें छह गेहूं क्रय केंद्र बंद पाए गए। डीएम ने संबंधित केंद्र प्रभारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
इसके बाद डीएम ने किसानों के गेहूं का एक-एक दाना खरीदने को लेकर कैंप कार्यालय पर बैठक कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए कुल 78 केंद्र बनाए गए हैं।
बैठक में आरएमओ राजेश उपाध्याय ने डीएम को अवगत कराया कि गेहूं क्रय संस्थाओं के पास पर्याप्त बोरे नहीं हैं। इस प्रकरण पर डीएम ने क्रय संस्थाओं के प्रबंधकों को तत्काल क्रय नीति के तहत बोरे की व्यवस्था तीन दिन में सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सभी तहसीलों के एसडीएम को उनकी तहसील क्षेत्रों का नोडल अधिकारी नामित कर दिया है।
उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट अरुण कुमार शुक्ला को निर्देशित किया है कि वे मंडी में नियमित निरीक्षण करेंगे और यह हर हाल में सुनिश्चित करेंगे कि सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं के समर्थन मूल्य 1525 रुपये से कम किसी भी किसान को न मिले। डीएम ने रविवार को छोड़कर शेष सभी दिनों में क्रय केंद्रों को सुबह नौ से सायं छह बजे तक खुले रखने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा शुक्रवार व शनिवार का दिन लघु व सीमांत कृषकों के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को आदेश दिए है गेहूं क्रय की शासन द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि 15 जून तक सभी क्रय केंद्र प्रत्येक दशा में खुले रहने चाहिए।
उन्होंने केंद्र प्रभारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अकारण यदि केंद्र बंद मिले तो संबंधित प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी।