उमरीबेगमगंंज (गोंडा)। बीते वर्ष सितंबर में आई बाढ़ के चलते बेलसर ब्लॉक के जबरनगर-गढ़ी गांव के पास बना रिंग बांध टूट गया था। करीब 10 मीटर में कटे इस रिंग बांध से निकला पानी सात गांंवों में घुस गया था। इससे हजारों ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। तमाम लोग अपने परिवार, पशुओं व गृहस्थी के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर हुए थे। इतना सब होने के बाद भी टूटे बांध की अब तक मरम्मत नहीं करवाई गई है।
जिले में करनैलगंज के भिखारीपुर-सकरौर व एल्गिन-चरसड़ी तटबंध के साथ ही वर्ष 2012 में बेलसर के ऐली-परसौली से परास तक क्षेत्र पंचायत से रिंग बांध बनवाया गया था, ताकि हजारों लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। लोगों की सुविधा के लिए बांध पर सड़क का भी निर्माण कराया गया था। मरम्मत व देखरेख के अभाव में बीते साल सितंबर में बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाया और जबरनगर-गढ़ी गांव के पास कट गया था। इससे बाढ़ की चपेट में आकर सात गांवों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। लोगों को गृहस्थी के साथ पलायन करना पड़ा था। सितंबर में बाढ़ की आपदा झेल चुके ग्रामीणों को आशा थी कि बरसात के मौसम के बाद टूटे रिंग बांध की मरम्मत कराकर क्षेत्र की हजारों आबादी को सुरक्षित किया जाएगा लेकिन, ऐसा अब तक नहीं हो पाया है। जिम्मेदार अधिकारी बांध की मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं हैं।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह का कहना है कि उक्त रिंग बांंध उनके विभाग से नहीं बना था। इसलिए उसकी मरम्मत के बारे में जानकारी नहीं है। ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र प्रताप सिंह गुड्डू का कहना है कि उच्चाधिकारियों से बात कर बांध की मरम्मत कराई जाएगी।