गोंडा। जिले में ध्वस्त हो चुकी बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए अधिकारियों से लेकर संविदा लाइनमैनों तक सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अकारण बिजली कटौती पर जवाबदेही तय कर जिम्मेदार पर कार्यवाई की जाएगी।
शटडाउन के लिए एसडीओ की अनुमति को अनिवार्य कर दिया गया है। बिजली उपभोक्ताओं के शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पॉवर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता ने एक सप्ताह में बिजली आपूर्ति सुचारी रुप से दिये जाने का दावा किया है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती की शिकायतों को लेकर पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता चंद्रवीर सिंह गौतम ने पड़री कृपाल तथा इटियाथोक उपकेंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में उपकेंद्र अधिकारियों की कमी सामने आई। बताया कि उन्होंने बिजली समस्याओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए उपकेंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें तकनीकि फाल्ट से अधिक उपकेंद्र अधिकारियों की कमी सामने आई। इटियाथोक उपकेंद्र पर जेई व एसडीओ के कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए सुधार करने का सख्त निर्देश दिए।
जेई व एसडीओ को एक सप्ताह में क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। कटौती का कारण जानने पर पाया गया कि लाइनमैन आला अधिकारियों के आदेश के बिना ही शटडाउन ले लेते हैं। उपभोक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि शिकायत मिलती है कि शटडाउन के लिए एसडीओ या जेई की अनुमति लाइनमैन किसी के घर के तार जोड़ने, नए कनेक्शन आदि करने के दौरान बिजलीघर कंट्रोल रूम से बार-बार शटडाउन लेते हैं।
कई बार फोन पर एसएसओ द्वारा शटडाउन दे दिया जाता है। बिजली की सुचारू आपूर्ति में बाधा खड़ी हो रही थी। मुख्य अभियंता ने सख्त निर्देश दिए कि बिना एसडीओ के अनुमति के शटडाउन नहीं दिया जाएगा।
मुख्य अभियंता चंद्रवीर सिंह गौतम ने बताया कि उपभोक्ताओं के समस्याओ के समाधान के रोस्टर बनाकर उपकेद्रों पर कैंप लगाया जाएगा जिसके तहत बुधवार को मलारी, नवाबगंज, तरबगंज, परसपुर, दुबहा बाजार, विशुनापुर, मेहनौन, सदाशिव, रामनगर बाजार, मद्दु बाजार मेें कैंप लगाकर उपभोक्ताओं के समस्याओं का समाधान तथा बिल जमा किया जाएगा।