गोंडा। उत्तर प्रदेश राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए बुधवार को दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। इस दौरान देवीपाटन मंडल का आकांक्षी जिला श्रावस्ती के आईटीआई में सबसे ज्यादा प्रवेश हुए हैं। वहीं चारों जिलों में औसतन 63 प्रतिशत सीटें ही भरी जा सकीं। ऐसे में प्रशिक्षण परिषद की ओर से प्रवेश से वंचित रह गए अभ्यर्थियों को विकल्प भरने का मौका दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे आईटीआई की रिक्त सीटें भरी जा सकेंगी।
गत 23 अगस्त को जिले की गोंडा, मनकापुर, तरबगंज और करनैलगंज समेत देवीपाटन मंडल के 14 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रवेश के लिए 961 सीटों पर प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई। गोंडा के नोडल आईटीआई प्रधानाचार्य प्रभुनाथ मिश्र ने बताया कि बुधवार को दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। इस दौरान जिले की चारों आईटीआई में कुल 242 अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया। वहीं, देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में औसतन 63.53 प्रतिशत सीटें ही भरी हैं। बाकी सीटें रिक्त रह गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को प्रवेश देने के बाद लगभग 36.47 सीटें खाली रह गई हैं। इनपर प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को 31 अगस्त से दो सितंबर तक का मौका दिया गया है। पहली बार परिषद की ओर से दूसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुविधा दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि आकांक्षी जिला श्रावस्ती में प्रवेश प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही थी। प्रधानाचार्य के साथ ही अनुदेशक व कार्यदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी गई। अब तक खराब रैंकिंग में शामिल श्रावस्ती जिला अव्वल रहा। गोंडा के 58.03, बलरामपुर के 62.02, बहराइच के 53.05 और 81.01 प्रतिशत अभ्यर्थियों को दाखिला दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानाचार्य व अनुदेशकों के प्रयास से अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया है।
संयुक्त निदेशक राजेश राम ने बताया कि संबंधित ट्रेड में सीटें भरने के बाद प्रवेश से वंचित रह गए अभ्यर्थियों को विकल्प चुनने का मौका दिया गया। खाली सीटों पर प्रवेश के लिए दो सितंबर तक विकल्प देने की समयसीमा निर्धारित की गई है। इससे अभ्यर्थियों को आईटीआई में प्रवेश के लिए मौका मिल सकेगा।