गोंडा। जिले के मुजेहना ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेलहरी में मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों के नाम पर फर्जी भुगतान का खुलासा हुआ है। ग्राम पंचायत निधि से कागजों में नाली, खड़ंजा, मिट्टी पटाई जैसे विकास कार्य दिखाकर ग्राम प्रधान ने लाखों रुपये निकाल लिए। जबकि जिस जिस जगहों पर इन कार्यों का होना दर्शाया गया है वहां अभी कोई काम ही नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने इन कामों का स्थलीय सत्यापन कराए जाने की मांग उठाई है। वहीं फर्जी भुगतान के मामले को लेकर ब्लॉक कार्यालय मे हड़कंप मचा हुआ है।
मुजेहना के ग्राम पंचायत बेलहरी के तहत चार मजरों में विकास कार्य कराने का उल्लेख सरकारी अभिलेखों में किया गया है। लेकिन यह सभी कार्य सिर्फ कागजों पर कराए गए हैं। सरकारी अभिलेखों में राजस्व गांव सिंहपुर में हरभजन के घर से गांव के खड़ंजे तक पक्की नाली का निर्माण कराए जाने की स्वीकृति मिली थी। इसी का फायदा उठाकर ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने प्रधान के चहेते श्रमिकों के नाम से मस्टर रोल जारी करा लिया। लेकिन मौके पर काम नहीं कराया गया। 14 दिन बीतने के बाद मस्टर रोल की फीडिंग करा दी गई और करीब 25 हजार रुपये का भुगतान भी हो गया। हरभजन के बेटे रामनिहोर का कहना है कि उसके घर के सामने किसी तरह की नाली का निर्माण नहीं कराया गया है।
मस्टर रोल जारी कराने का खेल
गोंडा। मनरेगा योजना में काम करने के इच्छुक श्रमिकों के नाम से मस्टर रोल जारी होता है। इसके बाद वह श्रमिक जिसके नाम से मस्टर रोल जारी हुआ है वह 14 दिन तक काम करता है। फिर उसके मस्टर रोल को भुगतान के लिए ब्लॉक में फीड कराया जाता है। इस अवधि के दौरान ग्राम रोजगार सेवक प्रतिदिन श्रमिक की कार्यस्थल पर मौजूदगी को वेरीफाई करता है। लेकिन ग्राम प्रधान पंचायत सचिव की मिलीभगत से प्रस्तावित काम पर अपने चहेते श्रमिकों के जॉब कार्ड पर मस्टर रोल जारी करा लेते हैं और उसे 14 दिनों तक अपने पास रखते हैं। इस अवधि में अगर कोई शिकायत नहीं होती है तो 14 दिन बाद उसकी फीडिंग कराकर भुगतान करा दिया जाता है। इस पूरे फर्जीवाड़े में ब्लॉककर्मी भी शामिल रहते हैं।
नया नहीं है यह खेल
गोंडा। मनरेगा योजना मे फर्जी मस्टर रोल जारी कराने का खेल मुजेहना में काफी पुराना है। इसके पहले भी यहां की ग्राम पंचायत रेतवागाड़ा में तालाब सौंदर्यीकरण के लिए कागजों पर सैकड़ों मजदूरों को काम करते दिखाया जा चुका है। हालांकि उस समय भुगतान से पहले ही फर्जीवाड़ा सामने आ गया था और मस्टर रोल को शून्य कर दिया गया था। इसके अलावा यहीं के ग्राम पंचायत रैगांव में तो मृतक श्रमिक के नाम पर करीब 60 दिन की मजदूरी का भुगतान कर दिया गया था।
इन विकास कार्यों के भुगतान पर सवाल
ग्राम पंचायत में पौधरोपण 22512
हरभजन के घर से खड़ंजा तक नाली निर्माण 24924
कृपाराम के घर से तालाब तक खुली नाली निर्माण 229144
इंटरलाकिंग से नरवा तालाब तक मिट्टी पटाई 168845
खड़ंजा से धुसवा बॉर्डर तक मिट्टी पटाई 337386
कब्रिस्तान से धुसवा बॉर्डर तक मिट्टी पटाई 422107
श्मशान से इंद्रबेधव के चक तक मिट्टी पटाई 47838
पंचायतों के कामकाज पर नजर रखी जा रही है। मुजेहना ब्लॉक के अधिकारियों से परियोजनाओं में गड़बड़ी पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विकास कार्य में गड़बड़ी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - शशांक त्रिपाठी, सीडीओ