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शिक्षक भर्ती में 1244 आवेदकों को झटका, केवल 376 को मिलेगी नौकरी

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गोंडा। बेसिक शिक्षा के प्राइमरी स्कूलों में 68 हजार पदों पर होने वाली भर्ती 31 हजार पदों पर सिमट गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शिक्षामित्रों के लिए 37 हजार पदों को रोक कर प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसमें गोंडा के 1244 आवेदकों को झटका लगा है।
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सोमवार को विभाग की ओर से जारी नियुक्ति सूची में सिर्फ 376 आवेदकों को ही शामिल किया गया है। जिले में जून में 1620 पदों पर चयन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और उनकी काउंसलिंग भी 3 जून को कराई गई थी। उसी समय न्यायालय की रोक से काउंसिलिंग प्रक्रिया थम गई थी, बाद में सभी के अभिलेख भी वापस कर दिए गए। अब शासन ने न्यायालय के फैसले के आधार पर शिक्षामित्रों के लिए पदों को रोक कर चयनितों की सूची जारी की है।
गोंडा में 80 फीसदी से अधिक पदों पर कटौती किए जाने से युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। जिले के 2800 से अधिक प्राइमरी स्कूलों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और बीते साल शिक्षक भर्ती में 1620 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रस्ताव स्वीकृति हुए थे। इसमें आवेदक चयनित हो गए थे।
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शिक्षामित्रों के लिए तय कट ऑफ बढ़ोत्तरी किए जाने से विवाद हो गया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इससे शिक्षक भर्ती की पूरी प्रक्रिया ही रुक गई। प्रदेश सरकार की ओर से न्यायालय में अपील के बाद शिक्षामित्रों के लिए 37 हजार पदों को रोक कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की छूट मिली। ऐसे में फिर से मेरिट तैयार की गई और पदों को हर जिले में रोक कर भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
सोमवार को जारी चयनितों की सूची में सिर्फ 376 आवेदकों को ही स्थान मिल सका। जिले के तय 1620 पदों में 80 फीसदी की कटौती कर ली गई हैं। इससे आवेदक भी चौंके हैं कि आखिर समान रूप से या फिर जिस जिले में जितने शिक्षामित्र आवेदक हैं उनके ही पद न रोक कर ऐसा क्यों किया गया। इससे जिले को काफी कम शिक्षक मिल सकेंगे।
1244 आवेदक ऐसे हैं जो सारी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं और चयनित होने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल सकेगी। ऐसा तब है जब जिले में रोके पदों से कम ही शिक्षामित्र परीक्षा में पूर्व के कट ऑफ की सूची में हैं। फिलहाल अधिकारियों की मानें तो शासन से मिली सूची के आधार पर ही काउंसलिंग कराकर नियुक्ति पत्र दिए जाने की कार्रवाई की जानी है।
पदों के आधार पर 46 फीसदी पदों पर होनी चाहिए नियुक्ति
शिक्षामित्रों के लिए पदों को रोके जाने के बाद अगर भर्ती प्रक्रिया होनी थी तो 46 फीसदी पदों पर चयन किया जाना चाहिए था। लेकिन चयन अब 23.21 फीसदी पदों पर ही हो रही है।
ऐसे में 750 पदों पर चयन का अवसर दिए जाने के बजाए, सिर्फ 376 पदों पर ही चयन होने जा रहा है। इसकी कसक युवाओं में है, शहर के जितेंद्र पांडे का कहना है कि इतना अधिक पदों में कटौती नहीं की जानी चाहिए थी। मानक समान रूप से तय होना चाहिए। प्रदेश स्तर पर पदों को रोकने की कवायद में कई जिलों में सभी पदों पर भर्ती की जा रही है, ऐसे में जिले के आवेदकों के पदों में कमी की गई है।
तीन दिनों में होगी भर्ती प्रक्रिया, 16 को जारी होंगे नियुक्ति पत्र
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को तीन दिन के भीतर ही पूरी कर लेनी हैं और 16 अक्तूबर तक नियुक्ति पत्र जारी करना है। जिले में 14 व 15 को काउंसलिंग कराकर चयनित आवेदकों के अभिलेख जमा कराने होंगे।
साथ ही साथ उनकी फीडिंग का कार्य भी पूरी कर लेनी है। इस बार आवेदकों की संख्या 376 ही है तो एक ही दिन में काउंसलिंग कराई जा सकती है। माना जा रहा है 50-50 के काउंटर तैयार करके काउंसलिंग दो दिनों में पूरी की जा सकेगी। इसके साथ ही सभी के अभिलेखों का मिलान करके नियुक्ति प्रक्रिया की कार्रवाई 16 अक्तूबर को पूरी करनी है।
शासन के निर्देश पर शिक्षकों के भर्ती की प्रक्रिया तय समय पर पूरी की जाएगी। तैयारी पहले से ही है, मंगलवार को सूची मिलने के बाद काउंटर तय करके बुधवार को गुरुवार को काउंसलिंग करा ली जाएगी।
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- डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, बीएसए
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