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रिंग बांध भी बहा, सेना बुलाई

Mon, 08 Aug 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला/बलरामपुर
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नदी में कटा रिंग बांध - फोटो : अमर उजाला
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23 घंटे के भीतर एल्गिन-चरसड़ी और रिंग बांध घाघरा की लहरों में समा गए। घाघरा ने सोमवार देर रात सवा नौ बजे कहर बरपाना शुरू कर दिया। एल्गिन-चरसड़ी का मुख्य बांध कटने से करनैलगंज ब्लॉक क्षेत्र के इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है। घाघरा का पानी सुबह तक दो दर्जन गांवों के करीब सौ मजरों में भर जाएगा। बांध कटने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
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प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए एनडीआरएफ टीम के साथ सेना को बुला लिया है। मंगलवार की सुबह तक करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों के करीब 100 मजरों में पानी घुसने की संभावना है।

तहसील क्षेत्र के ग्राम नकहरा, प्रतापपुुर, काशीपुर, चचरी, पाल्हापुर, घरकुंइया, गौरा मांझा, रेक्सड़िया, रायपुर, पूरे अंगद, भटपुरवा, नैनुवा जगन्नाथपुर, बसेरिया, नकार के करीब 100 मजरे मंगलवार तक बाढ़ से प्रभावित होने की प्रबल आशंका है। बांध के कटने के समय आयुक्त, डीएम गोंडा, क्षेत्रीय विधायक, एसडीएम व सिंचाई विभाग के करीब एक दर्जन अभियंता मौजूद रहे। 
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रविवार की रात साढ़े 10 बजे एल्गिन-चरसड़ी बांध के बचे हुए हिस्से को नदी ने काट दिया था। जबकि सोमवार की रात 9.10 बजे रिंग बांध भी घाघरा ने काट दिया। इसके बाद आसपास के 50 गांवों के सैकड़ों मजरों में बाढ़ का पानी भरना शुरू हो गया है। 

बता दें कि जहां से रिंग बांध का निर्माण हुआ था। उसके आगे करीब 20 मीटर तक पूरा बांध नदी में समा गया। रिंग बांध कटते ही इलाके में हड़कंप मच गया। बांध बचाव के कार्य में लगे अफसर भी भाग खड़े हुए। जबकि प्रमुख सचिव सिंचाई के साथ कमिश्नर व डीएम भी मौके पर पहुंच गए।

क्षेत्र में एनाउंसमेंट कराकर लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि गनीमत सिर्फ इतनी है कि नदी का जलस्तर कम है, इसलिए पानी का फैलाव सिर्फ जमीन तक की है। लेकिन माना जा रहा है कि नदी के जलस्तर में जैसे ही बढ़ोतरी होती है, वैसे ही इसका पानी आसपास के गांवों को अपनी चपेट में ले लेगा।

इसके मद्देनजर प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को बुला लिया है। वहीं, गांवों में डुग्गी-मुनादी कर लोगों से गांव खाली करने को भी कहा जा रहा है। उधर, मुख्य बांध कटने से करनैलगंल तहसील क्षेत्र के करनैलगंज ब्लॉक व परसपुर ब्लॉक की करीब 72 ग्राम पंचायतें बाढ़ की जद में आ जाएंगी।

सोतिया नाले से पानी का रिसाव परसपुर क्षेत्र में शुरू हो गया है। भारी तबाही को देखते हुए प्रशासन ने सेना को बुलाया है। मौके पर प्रमुख सिंचाई सुरेश चंद्रा, आयुक्त सुधीर कुमार दीक्षित व डीएम आशुतोष निरंजन मौके पर मौजूद हैं।

डीएम ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए सेना को बुलाया गया है। एनडीआरएफ सहित फ्लड पीएसी को लगा दिया गया है। उधर, बाढ़ की आशंका से डरे ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। 
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