गोंडा। भीषण गर्मी और तपिश के चलते बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में उल्टी-दस्त के सात व बुखार के पांच मरीजों को भर्ती किया गया है। वहीं, फिजीशियन की सभी ओपीडी में गर्मी जनित बीमारी से पीड़ित मरीजों का तांता लगा रहा।
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 1,423 नए व पुराने मरीजों का ओपीडी में उपचार हुआ। जिसमें अधिकांश मरीज मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित रहे। पंड़री शंकर निवासी राम औतार वर्मा (60), परसपुर निवासी आस्था तिवारी (10), उमरी बेगमगंज निवासी अजय (35), सोनी हरलाल निवासी राम संवारी (95), मुकुंदपुर निवासी कार्तिक (08), वजीरगंज निवासी त्रिवेणी सिंह (85) व शीतलगंज निवासी सांवरी देवी (60) को उल्टी दस्त व पेट दर्द के चलते इमरजेंसी में उपचार करने के बाद वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं, बुखार से पीड़ित पांच मरीजों को भर्ती किया गया। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि भीषण गर्मी में बुजुर्गों व बच्चों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। हर रोज चार से पांच लीटर पानी पिएं। डायरिया के लक्षण मिलने पर तुरंत ओआरएस का घोल पिलाएं। पानी की कमी होने से मुश्किल बढ़ सकती है। अधिक तला-भुना खाने से बचें। हरी सब्जी व मौसमी फलों का सेवन अधिक करें।