गोंडा। अब व्यावसायिक वाहनों को खरीदने के बाद लापरवाही करना भारी पड़ने वाला है। अगर आप भी कॉमर्शियल वाहन के मालिक हैं तो जरा सतर्क हो जाइये। आपने वाहनों का टैक्स जमा करने में जरा सी लापरवाही बरती तो आपको मुश्किल झेलनी पड़ सकती है। परिवहन विभाग ने अब टैक्स वसूूूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बीते लगभग सात सालों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जिले के 15 सौ से अधिक वाहन मालिकों के खिलाफ विभाग की ओर से आरसी जारी की गई है। इससे लगभग सवा 7 करोड़ की वसूली की जायेगी।
एआरटीओ प्रशासन की ओर से लगातार टैक्स न जमा करने वाले वाहन मालिकों का ब्यौरा इकट्ठा कर उनकों पूर्व में टैक्स के लिए डिमांड नोटिस भेजी गई थी। नोटिस का जवाब न देने पर अब विभाग की ओर आरसी जारी करने की कार्रवाई शुुरू हो गई है। नये और पुराने वाहन मिलाकर कुल 1542 वाहनों को टैक्स वसूली के लिए तहसीलों के जरिये आरसी जारी की गई है। इन वाहनों पर कुल दिसंबर 2019 तक लगभग सवा सात करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। इसके बाद भी लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ वाहनों की धरपकड़ की कार्रवाई की जायेगी। इसी सख्ती का असर ये रहा कि नये और पुराने बकाया वाहनों को मिलाकर लगभग 2 करोड़ 85 लाख की वसूली हुई है।
4000 अनफिट वाहनों को भी नोटिस
बकाया टैक्स की पड़ताल में ही फिटनेस फेल होने के मामले भी सामने आये हैं। लगभग 4000 वाहन बिना फिटनेस के मिले हैं। इन सभी वाहनों को नोटिस जारी कर परिवहन कार्यालय लाकर फिटनेस कराने के लिए चेतावनी दी गई है। बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग की अचानक बढ़ी सख्ती के चलते लोगों में खलबली मच गई है।
राजस्व में आई कमी के चलते टैक्स वसूली पर जोर
बताया जा रहा है कि बीते वर्ष जुलाई महीने से वाहनों की बिक्री में लगातर गिरावट का दौर जारी है। दीपावली में थोड़ा सा सुधार देखा गया लेकिन बीते सालों की तुलना में ये बिक्री भी काफी कम रही। इसके बाद फिर से बिक्री का दौर जारी है। इससे परिवहन विभाग को भी राजस्व का काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। विभाग अपने घाटे को पूरा करने के लिए बकाया टैक्स वसूली पर जोर दे रहा है।
इनसेट
फैक्ट फाइल
समय वाहनों की संख्या बकाया राशि
जनवरी 2013 से मार्च 2019 तक 924 6 करोड़ 48 लाख
अप्रैल 2019 से दिसंबर 2019 तक 618 74 लाख 60 हजार
वाहन खरीदकर टैक्स का भुगतान न करने वालों पर अब सख्ती बरती जा रही है। बकाया टैक्स का भुगतान ने करने से परिवहन विभाग को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। यदि कोई भी वाहन स्वामी किसी कारण से वाहन का संचालन नहीं कर रहा है वो तुरंत ही विभाग को इसकी सूचना तुरंत दें जिससे टैक्स को रोका जा सके। मनमानी करने वालों को अब कोई रियायत नहीं दी जायेगी। -संजीव कुमार, एआरटीओ प्रशासन