गोंडा। जिले के 400 स्कूलों की अनदेखी से एक लाख से अधिक बच्चों की जान जोखिम में हैं। इन स्कूलों के 300 वाहन अनफिट ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं और सीट से ज्यादा बच्चों को बैठा रहे हैं। यही नहीं चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण व प्रशिक्षण भी नहीं करा रहे हैं। इन स्कूलों में अनफिट वाहनों के साथ ही परिवहन यान सुरक्षा समिति के गठन की कार्रवाई भी पूरी नहीं की गई है। अब इन स्कूलों के प्रबंध तंत्र पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है। माना जा रहा है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले और वाहनों से स्कूल आने वाले बच्चों की सुरक्षा दांव पर है।
आये दिन होने सड़क हादसों में स्कूली वाहन भी शिकार हो रहे हैं। जिसमें हर साल सैकड़ों मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। शासन और परिवहन विभाग लगातार इसको रोकने के लिए कोशिश तो कर रहा लेकिन यहां स्कूल प्रबंधन ही इस मामले में लापरवाह बने हुए हैं। इसके चलते जिले के 400 स्कूलों के लगभग एक लाख से अधिक छात्रों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। बता दें कि पिछले 6 महीने में लगातार इस बारे में सभी विद्यालयों को निर्देश दिये जाते रहे हैं कि वाहनों की फिटनेस कराएं और कमेटियों का गठन करें। लेकिन लापरवाही जारी है।
जुलाई 2019 में जिला स्तरीय स्कूल परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में सभी स्कूलों को विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति का गठन कर सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। लेकिन 6 माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कुछ को छोड़ दें तो जिले के 400 स्कूलों के प्रबंधन ने इस आदेश पर अमल नहीं किया है। बीते 14 जनवरी को एडीएम राकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला स्कूल परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में एक बार फिर सभी स्कूलों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों की ओर से वाहनों का फिटनेस न कराए जाने पर परिवहन विभाग की ओर से नोटिस भी जारी की कई है।
स्कूली वाहनों की स्थिति
स्कूली वाहन वाले कुल स्कूल- 419
कुल स्कूली वाहनों की संख्या - 638
स्कूल में चल रहे अनफिट वाहन- 300
समिति का गठन न करने वाले स्कूल - 400
प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर होगी कार्रवाई
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कई स्कूल ऐसे जो कि सुरक्षा समिति का गठन तो छोड़िये, वहां के स्कूली वाहनों की फिटनेस तक समय से नहीं होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति के गठन से संबंधित कार्रवाई के लिए डीआईओएस और बीएसए को लिखा गया है। इसके बाद भी यदि लापरवाही जारी रही तो ऐसे स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य पर कार्रवाई होगी।
300 अनफिट स्कूल वाहन सड़क पर
जिले में लगभग तीन से अधिक अनफिट स्कूली वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं। अभियान चलाया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि रविवार को भी आरटीओ दफ्तर स्कूल वाहनों की फिटनेस के लिए खुला रहा। -राजेश कुमार मौर्य, एआरटीओ प्रवर्तन