गोंडा। तरबगंज क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे मगरमच्छों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-मगरमच्छ संघर्ष की घटनाओं के बीच वन विभाग ने उनके व्यवहार के वैज्ञानिक अध्ययन का निर्णय लिया है। डीएफओ अनुराग प्रियदर्शी ने छह सदस्यीय समिति का गठन कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय गोंडा सदर के भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह के उस सुझाव के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने घाघरा-सरयू संगम क्षेत्र में मगरमच्छों की बदलती गतिविधियों का किसी उच्च शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान से वैज्ञानिक अध्ययन कराने का प्रस्ताव दिया था। विधायक ने सुझाव दिया था कि अध्ययन से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मगरमच्छों के व्यवहार में कोई बदलाव आया है या नहीं तथा यदि आवश्यकता हो तो उनके स्थानांतरण सहित अन्य प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
डीएफओ ने टिकरी रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी अभिषेक सिंह को टीम लीडर बनाया गया है। तरबगंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी रजनीकांत, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी (प्रवर्तन दल) अभिषेक प्रताप, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर रैपिड रेस्पॉन्डर करमवीर राय, नेचर क्लब फाउंडेशन के अभिषेक दुबे तथा टीएसओ संगठन के हर्षित सिंह को सदस्य नामित किया गया है।