विश्नोहरपुर/उमरी बेगमगंज। सरयू की बाढ़ ने अब बच्चों की पढ़ाई पर भी ब्रेक लगा दिया है। बेलसर के आठ, तरबगंज के तीन और नवाबगंज के तीन परिषदीय विद्यालयों में पानी भरने से पढ़ाई प्रभावित है। शिक्षक बच्चों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पढ़ाने की बात कह रहे हैं लेकिन गांव और स्कूलों तक पहुंचने वाले रास्ते जलमग्न होने से बच्चे घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। उधर उनका परिवार बाढ़ के बीच घर और मवेशियों को संभालने में जुटा है।
नवाबगंज के माझा इलाके में रिंग रोड के पूर्वी हिस्से के गांव बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं। ब्योंदा माझा में बाजार से गांव जाने वाला मुख्य मार्ग पानी में डूब गया है। पुलिया के पास सड़क कटने से आवागमन भी बाधित है। गांव के प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के चारों ओर पानी भरने से दो दिन से स्कूल बंद हैं।
कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिशंकर यादव ने बताया कि वह ब्योंदा बाजार स्थित एक निजी आवास में बैठकर विभागीय कार्य पूरा कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को आसपास के सुरक्षित विद्यालयों में पढ़ाने की व्यवस्था कराने की बात कही गई है। हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांव से बाहर निकलने का रास्ता ही पानी में डूबा है तो बच्चे दूसरे विद्यालयों तक कैसे पहुंचेंगे?
ब्योंदा के प्रशासक केशवराम यादव के अनुसार गांव में 14 मजरे हैं और सभी में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। सभी मजरों को एक-एक सरकारी नाव दी गई है, जबकि एक स्टीमर भी उपलब्ध कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 32 हजार की आबादी के लिहाज से नावों की संख्या कम है। जरूरी काम के लिए कई लोगों को गहरे पानी से होकर बाजार तक जाना पड़ रहा है।
दत्तनगर के राम जियावन, रामकरण और मालिकराम ने बताया कि चारों ओर पानी भरने से हरे चारे का संकट भी बढ़ गया है। अब सात किलोमीटर दूर चरौठा से चारा लाना पड़ रहा है। ब्योंदा निवासी श्रीराम अपने बीमार पौत्र को पानी के बीच से दवा कराने ले जाते मिले। उन्होंने बताया कि उस समय नाव नहीं मिल सकी।
गोंडा में नवाबगंज के ब्योंदा में बाढ़ के पानी से घिरा प्राथमिक विद्यालय।
गोंडा में नवाबगंज के ब्योंदा में बाढ़ के पानी से घिरा प्राथमिक विद्यालय।
गोंडा में नवाबगंज के ब्योंदा में बाढ़ के पानी से घिरा प्राथमिक विद्यालय।
गोंडा में नवाबगंज के ब्योंदा में बाढ़ के पानी से घिरा प्राथमिक विद्यालय।