करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। नदी खतरे के निशान 106.070 से 13 सेंटीमीटर नीचे 105.940 मीटर पर बह रही है। बाढ़ से प्रभावित गांव से पानी निकलने लगा है, लेकिन कटान ने किसानों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। धान और गन्ने के खेतों में कटान होने से किसानों को नुकसान हो रहा है।
करनैलगंज के नकहरा, चंदापुर किटौली, पसका, घरकुइयां, बहुवन मदार मांझा, मांझा रायपुर निवासी मनोज कुमार, सुखलाल, मनोहर, श्यामलाल, सुखदेव, राजभवन, रामसहाय आदि का कहना है कि मौजूदा समय में बाढ़ से निजात मिली है, लेकिन कटान ने बेचैनी बढ़ा दी है। बांध और नदी के बीच कटान होने से किसानों की जमीन तो कहीं नहीं जाएगी मगर बाढ़ के बाद समतल कराने और बालू की परत हटाने में हजारों रुपये लग जाएंगे।
नवाबगंज के बाड़ी माझा में किसानों के खेत कट रहे हैं। धान और गन्ने की फसल नदी में समा रही है। नाव न मिलने से ब्योंदा माझा गांव के लोग पानी से होकर आवागमन करने मजबूर हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य का कहना है कि बांध या स्पर में कोई कटान नहीं हो रही है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है।