करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को भी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर स्थिर रहा। जलस्तर घटने पर कटान की आशंका को देखते हुए बाढ़ खंड ने बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
रविवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 106.190 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 12 सेंटीमीटर अधिक है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी में कमी आने से सोमवार से जलस्तर घटने के संकेत हैं। शनिवार रात आठ बजे जलस्तर 106.220 मीटर पहुंच गया था।
रविवार सुबह कुल डिस्चार्ज तेजी से घटकर 2,31,488 क्यूसेक रह गया। इसमें गिरिजा बैराज से 1,20,424, शारदा से 1,09,035 और सरयू बैराज से 2,029 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नदी में फिलहाल मामूली कटान हो रही है।
जलस्तर कम होने पर कटान बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए विभाग ने परक्यूपाइन, बल्ली पाइलिंग और ब्रिकरोरा लगाने की तैयारी कर ली है। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि डिस्चार्ज लगातार घट रहा है। कटान रोकने के पूरे इंतजाम हैं।
विश्नोहरपुर संवाद के अनुसार, नवाबगंज के माझा क्षेत्र में शनिवार रात से सरयू का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इससे धान व गन्ने सहित हरे चारे की फसलें प्रभावित हो रही हैं। जलस्तर बढ़ने से फिलहाल कटान स्थिर है। दत्तनगर और साकीपुर के बाड़ी माझा में दो दिन से नाममात्र की कटान हो रही है। फूलचंद ने बताया कि पानी घटने पर कटान तेज होती है, जलस्तर बढ़ने से अभी राहत है। दत्तनगर के प्रशासक राजाराम यादव ने बताया कि बीते पांच वर्षों में कटान से हजारों बीघा खेत नदी में समा चुके हैं, लेकिन बचाव के इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि नदी में बालू खनन से धारा का रुख बाड़ी माझा की तरफ होने से कटान में इजाफा हुआ है।
नवाबगंज चहलावा साकीपुर में कटान करती सरयू नदी। - संवाद