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खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर बहकर तीन गावों में पहुंची सरयू

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गोंडा में करनैलगंज के नकहरा गांव के मजेर में बाढ़ का पानी आने लगा। - फोटो : GONDA
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करनैलगंज (गोंडा)। सरयू (घाघरा) ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू का जलस्तर बुधवार को दोपहर बाद स्थिर हो गया। मगर उसका पानी लगातार गांव की तरफ बढ़ रहा है। करीब एक दर्जन गांव व उसके मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। तीन गांवों में पूरी तरह पानी घुस गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने लगे हैं। वही अधिकांश गांव की आबादी बंधे की तरफ अपना रुख कर चुकी है। सिंचाई विभाग बांध को सुरक्षित करने के लिए शासन द्वारा स्वीकृत करीब 43 करोड़ रुपये से बांध के किनारे स्पर व बांध में बोल्डर लगाने में जुटा हुआ है।
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बुधवार सुबह तक सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था वहीं दोपहर बाद जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी स्थिर हो गई। सरयू नदी मौजूदा समय में खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.586 पर थी यानी 51 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। बुधवार के कुल डिस्चार्ज 2 लाख 39 हजार 453 क्यूसेक था। जिसमे 1 लाख 23 हजार 073 क्यूसेक गिरजा बैराज, 1 लाख 9 हजार 35 क्यूसेक शारदा बैराज व 7 हजार 345 क्यूसेक पानी सरयू बैराज से छोड़ा गया था। सरयू के इसथ रौद्र रूप की लीला भी शुरू हो गई है। जिसमें ग्राम नकहरा के तीन मजरे पुहिन पुरवा, बसंतलाल पुरवा, एवं तीरथराम पुरवा पानी से चौतरफा घिर गए हैं।
वहीं माझा रायपुर, नैपूरा एवं परसावल ग्राम पंचायत में पूरी तरह पानी भर गया है। मंगल पुरवा, गोली पुरवा, नउवन पुरवा एवं रायपुर में गांव के भीतर पानी चल रहा है। इन गांवों से लोग ऊंचे स्थान की तलाश में निकल चुके हैं और सुरक्षित स्थान पर अपना आशियाना बनाने में लगे हैं। अधिकांश आबादी बांध और उसके नजदीक ऊंचे स्थानों पर पहुंच चुकी है। वहीं तमाम लोग गांव के बाहर अपना आशियाना बनाने में लग गए हैं। माझा रायपुर एवं नकहरा के बीच बनाए गए संपर्क मार्ग पर एक पुलिया बाढ़ के पानी से पूरी तरह ढह गई है। आने वाले समय में यदि पानी में बढ़ोतरी होती है तो गांव में जबरदस्त तबाही का आलम होगा।
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नदी कटान से बांध के बचाव के लिए 43 करोड़ से कार्य शुरू
करनैलगंज। सिंचाई विभाग एल्गिन चरसडी बांध के किलोमीटल 27 से 29 के बीच ग्राम बासगांव के निकट कमजोर बांध को सुरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत की गई दो परियोजनाओं में करीब 43 करोड़ रुपए के धन से बांध को मजबूत कराने का काम करा रहा है। जिसमें 18 करोड़ 54 लाख रुपये से तीन जगहों पर स्पर का निर्माण एवं परखोपाइन को स्थापित करने एवं 24 करोड़ 87 लाख रुपये से दो स्पर के साथ 530 मीटर बांध को बोल्डर से मजबूत करने यानी लांचिंग एप्रेन का कार्य कराया जा रहा है। उसके बावजूद बांध पर खतरा कम नहीं हो रहा है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि नदी बुधवार से स्थिर है और पानी का डिस्चार्ज लगातार हो रहा है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है एवं परियोजना के तहत हो रहे कार्य को तेजी से कराया जा रहा है।
बेलमत्थर में नहर कटने से खेतों में भरा पानी
परसपुर (गोंडा)। विकास खंड परसपुर के ग्राम बेलमत्थर के मजरा टीका पुरवा बाग के पास सोनौली-मोहम्मदपुर शाखा नहर रजवाहा सुबह 4 बजे अचानक कट जाने से सैकड़ों बीघा खेत प्रभावित हुआ है। रास्तों पर पानी भर जाने से गांव वालों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग के एई व जेई नहर कटने की बात को अनसुना कर रहे हैं। बेलमत्थर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि राजदेव शु्ला ने बताया कि उनके गावं से होकर सोनौली-मोहम्मदपुर शाखा नहर गयी है। बुधवार की सुबह तकरीबन 4 बजे अचानक नहर कट गया। जिससे सैकड़ों बीघा खेत का फसल प्रभावित हुआ है। ग्राम छोटके पुरवा निवासी घनश्याम मिश्रा ने बताया कि नहर कटने से रास्तों पर पानी भर जाने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमीर शुक्ल पुरवा निवासी फौजदार ने बताया कि नहर कटने से गांव में पानी भर गया है। यहीं के साधू ने बताया। कि खेतों व गांव में पानी भर गया है। इसी गांव के ललित शुक्ला ने बताया कि नहर कटने से फसल प्रभावित है।
नहर में पानी नहीं है। अधिक बरसात होने के कारण काश्तकारों ने ही नहर में काट कर पानी छोड़ दिया। जिससे टेल पोर्शन पर पानी भर गया। जहां नहर में कटिंग हुई थी। उसे विभाग ने बंधवा दिया है अब स्थिति काबू में है। -प्रशांत वर्मा, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग
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