गोंडा। जिले में मंगलवार को एक बार फिर से दर्जन भर कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। इनमें से दो लोग शहरी क्षेत्र के हैं और बाकी ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। इसमेेें एक की मौत मंगलवार को करनैलगंज उनके आवास पर ही इलाज को दौरान हो गई। मृतक क्षेत्र का बड़ा व्यापारी बताया जा रहा है। दो दिन पूर्व करनैलगंज के कस्बे एक में पिता-पुत्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। दोनों इलाज के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में पहुंचे थे। लेकिन बिना कोविड-19 की जांच के अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। उन दोनों ने जाकर कोविड का टेस्ट कराया और पिता-पुत्र दोनों वापस लौट आये। मंगलवार सुबह अचानक हालत गंभीर हो गई और गोंडा ले जाते समय पिता ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को दोपहर में दोनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पुत्र को कोविड के लेवल-1 में भर्ती कराया गया है।
मंगलवार देर शाम सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने कुल 12 लोगों में कोरोना की पुष्टि की है। इसमें करनैलगंज के एक कोरोना संक्रमित की लखनऊ से गोंडा लाते समय रास्ते में मौत हो चुकी है। बाकी 11 लोगों को कोविड लेवल-1 में भर्ती कराया जा रहा है। जो लोग मंगलवार की शाम कोरोना संक्रमित पाये गये हैं उनमें से दो नवीन गल्ला मंडी गोंडा, 2 मरीज करनैलगंज, 2 मरीज बभनान, 4 मरीज इटियाथोक, एक मरीज मनकापुर व एक मरीज नगर क्षेत्र के रानीपुरवा का बताया जा रहा है। वहीं छपिया के महमूदपुर गांव में एक युवक की गोरखपुर में कल देर रात कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक डॉ. आलोक सिंह बताया कि युवक इलाज के लिए कुछ दिन पहले ही गोरखुपर गया था, जहां जांच में कोरोना की पुष्टि हुई है।
मृतक करनैलगंज कस्बे का बड़ा व्यापारी था
करनैलगंज-गोंडा। कस्बे के जिस कोरोना संक्रमित की मौत मंगलवार को हुई है वो करनैलगंज का एक बड़ा व्यापारी थी। उसकी कस्बे में टाइल्स और हार्डवेयर की बड़ी दुकान है। उसकी दुकान पर रोजाना सैकड़ों लोगों को आना-जाना होता था। इसके साथ ही उसकी दुकान लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोग काम करते है। अब कोरोना से पिता की मौत और पुत्र के कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद पूरे कस्बे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि इससे अब करनैलगंज सहित आसपास के कई गांवों में कोरोना फैलने का खतरा बढ़ा गया है। ऐसे में अब करनैलगंज में कोरोना की जांच बड़े पैमाने पर कराये जाने उम्मीद है। आशंका है कि बीते कुछ दिनों में व्यपारी पिता-पुत्र हजारों लोगों के संपर्क में आये होंगे।
आजादनगर कालोनी बना कंटेनमेंट जोन
शहर की आजादनगर कॉलोनी में सोमवार की शाम चार और लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। ये चारों लोग चार परिवारों से हैं। अब आजादनगर कॉलोनी में कुल पांच कोरोना पॉजिटिव केस हो गये हैं। ऐसे में मंगलवार को आजादनगर कालोनी के आधा दर्जन घरों को सील कर दिया गया है और इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी की अगुवाई में पूरी कालोनी को कंटेनमेंट जोन बनाया गया।
कंटेनमेंट बनाने में मानकों की अनदेखी
शासन की ओर से कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत कंटेनमेंट जोन बनाने की नई गाइडलाइन जारी की गई है। लेकिन जिले में कंटेनमेंट जोन के मानकों की अनदेखी की जा रही है। बता दें नये नियमों के मुताबिक एक कोरोना संक्रमित मिलने पर 250 मीटर और एक से अधिक मरीज मिलने पर 500 मीटर के इलाके को कंटेनमेंट जोन बनाकर सर्वे कराये जाने के नियम हैं। ऐसे में क्षेत्र को सील करने और कंटेनमेंट जोन बनाने की कार्रवाई में मानकों की अनदेखी स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को भारी पड़ सकती है।
दो दिन पूर्व आवास विकास क्षेत्र की एक महिला लखनऊ में कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। कांटेक्ट में होने की आशंका के चलते दर्जनों लोगों की सैंपलिंग कराई गई। शहर की आजादनगर कालोनी और विष्णुपुरी कॉलोनी में कोरोना संक्रमितों का पता लगाने के लिए सील करने के साथ ही सर्वे भी कराया जा रहा है। किसी भी व्यक्ति में कोरोना जैसे लक्षण मिलने पर जांच कराई जा रही है। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी