गोंडा। भिखारीपुर-सकरौर बांध को टूटने से बचाने के लिए घाघरा नदी के बीच में ड्रेजिंग व चैनालाइजेशन कार्य हो रहा है। इस कार्य में निकलने वाले बालू की नीलामी की जानी हैं।
लेकिन कई किलोमीटर तक करोड़ों रुपये का बालू नदी के बीचो-बीच डंप है और डंप बालू के दोनों ओर जलस्तर अधिक होने के कारण वहां से बालू निकालना मुश्किल हैं। जून के तीसरे सप्ताह में आने वाले मानसून से पहले डंप बालू नदी से नहीं निकाला गया तो बालू फिर से नदी में समा जाएगा।
तरबगंज तहसील अंतर्गत ऐली परसौली में घाघरा नदी के बाढ़ के पानी से बचाने के लिए लिए वर्ष 2007 में भिखारीपुर-सकरौर बांध का निर्माण कराया गया था। यह बांध अब तक कई बार टूट चुका हैं।
पिछले साल भी घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने व कटान लगने से ऐली परसौली के विशुन पुरवा के पास यह बांध टूट गया था, जिससे कई हेक्टेयर फंसलों का नुकसान हुआ था और दर्जनों ग्रामीणों के आशियाने नदी में समा गए थे। इस बार घाघरा नदी के पानी से भिखारीपुर सकरौर बाँध को बचाने के लिए 7.2 किमी तक ड्रेजिंग व चैनालाइजेशन का काम किया जा रहा हैं।
इस कार्य का जिम्मा यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन को मिला हैं। बाढ़ नियंत्रण के नाम पर शुरू की गई इस परियोजना में नदियों की खुदाई कर उनकी नई धारा का निर्माण करना हैं। जिससे बांध को टूटने से बचाया जा सके।
एली परसौली में घाघरा नदी की खुदाई के दौरान करोड़ों रुपये का बालू निकला हैं, जिसे नदी में ही डंप किया गया हैं। पिछले दिनों हुई बारिश व नदी में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हैं।
जहां पर करोड़ों रुपये का बालू डंप किया गया है। उसके दोनों ओर जलस्तर बढ़ गया हैं। विभागीय अधिकारी इस सत्र में ही ड्रेजिंग व चैनालाइजेशन में निकाले गए बालू की नीलामी का दावा कर रहे हैं।
बालू की नीलामी जिला प्रशासन को करनी हैं। मानसून वैज्ञानिक के भविष्यवाणी के मुताबिक जून के तीसरे सप्ताह में मानसून के आने की संभावना हैं। जिसमें अभी करीब 10-15 दिन बाकी हैं। मानसून आने के बाद घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ेगा और इससे करोड़ों रुपये का बालू फिर से नदी में समा जाने की उम्मीद हैं।
ड्रेजिंग व चैनालाइजेशन कार्य में घाघरा नदी से निकलने वाला बालू नदी के बीच में डम्प हैं। डंप बालू के दोनों ओर नदी का जल स्तर अधिक हैं। जिसे गोंडा के सीमावर्ती जिले अयोध्या से ही निकाला जा सकता हैं, क्योंकि ऐली परसौली आने के लिए नदी की अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
गुरुवार को जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के निरीक्षण के दौरान यूपीपीसीएल के अधिकारियों ने अयोध्या जिले की भूमि पर बालू निकालने को लेकर कुछ विवाद को भी बताया था। जिससे काम पूरा करने में देरी हुई हैं। यूपीपीसीएल के एक अधिकारी के मुताबिक जितने कीमत का बालू है उससे अधिक बालू निकालने में भाड़ा लग जाएगा।