गोंडा। परिषदीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल समेत कक्षों के निर्माण कार्य व विद्यालयों की तस्वीर संवारने प्रधानाध्यापक लापरवाही बरत रहे हैं। शासन स्तर से इस कार्य के लिए 17.71 करोड़ के बजट की स्वीकृति मिली थी। इसकी पहली किस्त के बतौर मिली 4.43 करोड़ रुपये की राशि का खर्च करने में भी स्कूल संचालक शिथिलता बरत रहे हैं। इससे विद्यालयों में विकास कार्यों के मिलने वाली 13.28 करोड़ की अवशेष बजट राशि के अटकने की संभावना भी बढ़ गई है।
बीएसए ने इस पर नाराजगी जताते हुए बजट राशि खर्च करने में लापरवाही बरतने वाले सात विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की है। साथ ही सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 30 दिसंबर तक आवंटित धनराशि से कराए जाने वाले अधूरे कार्यों को पूरा कर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया है।
योजना के तहत 18 बालक शौचालय निर्माण, 21 बालिका शौचालय निर्माण, 79 परिषदीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल, 09 विद्यालयों में विद्युतीकरण, 51 विद्यालयों में बिजली कनेक्शन तथा 63 विद्यालयों में मरम्मत का कार्य होना है। बीएसए अतुल तिवारी ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं बाउंड्रीवाल, शौचालय, विद्युतीकरण आदि के लिए धनराशि आवंटित की गई थी लेकिन इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने समय से कार्य को पूरा नहीं कराया। साथ ही इसके लिए आयोजित समीक्षा बैठक में भी हिस्सेदारी नहीं की। इसके चलते ही लापरवाही बरतने वाले बेलवा कर्मडीह कला की प्रधानाध्यापक रत्ना पांडेय, प्राथमिक विद्यालय नियावां के दीपक बाबू, मछली गांव के अशोक कुमार तिवारी, भिटौरा द्वितीय के संदीप सिंह, बभनी सराय की सुरभि, कंपोजिट स्कूल परास पट्टी पुरवार के सुरेश कुमार सिंह व करमडीह खुर्द के पवन कुमार शुक्ला का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने की कार्रवाई की गई है।