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विचाराधीन बंदी की मौत, जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप

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फोटो- 16- गोंडा में बंदी युवक की मौत के बाद जिला अस्पताल गेट पर सड़क जाम करते लोग। संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला जेल में निरुद्घ एक विचाराधीन बंदी की मंगलवार को मौत हो गई। बंदी की मौत से गुस्साए लोगों ने जिला अस्पताल गेट पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर सीओ सदर, कोतवाल नगर समेत भारी संख्या में पहुंची पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लोगों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के वादी पुरवा गांव निवासी शुभम गौतम 20 पुत्र पवन कुमार वर्ष 2019 में सलीम नामक युवक की हत्या में जेल में निरुद्घ चल रहा था। सलीम की हत्या के बाद देहात पुलिस ने शुभम के साथ ही गांव के अभिषेक व हरिओम को भी गिरफ्तार किया था। जिला कारागार में अचानक शुभम की तबियत बिगड़ गई। यहां से जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुभम के रिश्तेदार लल्लू ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। लल्लू का आरोप है कि वह शुभम से मिलने जेल गया था, जेल अधिकारियों ने उससे मिलने नहीं दिया।
शुभम की तबियत कई दिनों से खराब थी, लेकिन जेल प्रशासन ने परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी। शुभम की मौत से गुस्साए लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जिला अस्पताल गेट पर सड़क जाम कर दिया। आवागमन ठप हो गया। जाम की सूचना पर सीओ सदर लक्ष्मीकांत गौतम, कोतवाल नगर पंकज सिंह समेत भारी संख्या में मौके पर पुलिस पहुंच गई। मामले में सीओ के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हो सका। शुभम के पिता ने कोतवाली नगर में जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। कोतवाल ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच की जा रही है। जेलर दीपांकर भारती ने बताया कि बंदी शुभम क्षय रोग से ग्रसित था। उसको कई बार जिला अस्पताल भेजकर इलाज कराया गया है। अचानक उसकी तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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