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ढेमवा पुल के पिलर चार के पास आई दरार

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गोंडा से अयोध्या जनपद को जोड़ने वाले ढेमवाघाट पुल के ज्वाइंट में आया गैप। - फोटो : GONDA
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नवाबगंज (गोंडा)। सरयू नदी पर बने ढेमवाघाट पुल पर सोहावल की तरफ से चौथे खंभे पर दरार आ जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची रौनाही थाने की पुलिस ने सोमवार की सुबह से ही पुल के आवागमन को रोक दिया। निर्माण के समय ही 18 मई 2018 के अंक में अमर उजाला ने ‘ढेमवा घाट पुल निर्माण में रखी जा रही हादसे की बुनियाद’ शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था।
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जिस पिलर के ऊपर सोमवार को दरार आई है निर्माण के समय ही यह पिलर तिरक्षा हो गया था और अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। सपा शासन काल में 120 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल के निर्माण की मंजूरी दी गई थी। तत्कालीन मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने 15 सितंबर 2015 को शिलान्यास किया था। तकरीबन साल भर पूर्व यह पुल बनकर तैयार हो गया और इस पर आवागमन भी शुरू हो गया।
नवाबगंज, तरबगंज व वजीरगंज ब्लॉक के दो सौ से आधिक गाँव के लोगों के लिए लखनऊ का सफर सरल हो गया है। यात्रा के फासले में भी करीब 50 किलोमीटर की कमी आ गई। यद्यपि अभी इस पुल का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है। पुल के एक खंभे पर आई दरार से लोग चिंतित हो उठे हैं। पुल के नीचे उफान ले रही सरयू नदी की धारा को देखते हुए अभी मरम्मत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। करीब 1135 मीटर लंबे दो लेन के बने इस पुल का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कम्पनी को दिया था। पुल के निर्माण के समय ही तीन पिलर टेढ़ा हो गया था जिसे सुधारने का पूरा प्रयास किया गया लेकिन प्रयास विफल रहा।
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स्थानीय लोगों नें पिलर टेढ़ा होने में हुए घोटाले की शिकायत तत्कालीन मुख्यमंत्री से की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच का आदेश दिया था। जिस पर सेतु निगम के अधिकारी तथा कंस्ट्रक्शन कम्पनी के अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौपी थी। सोमवार को इस पुल के पाइल में उद्घाटन के पहले ही दरार पड़ जाने से पुल के मजबूती की पोल खुल गई है।
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