दुबहाबाजार (गोंडा)। वरिष्ठ चिकित्सक के शिक्षक पद से सेवानिवृत्त पिता का शव बुधवार को उनके घर में पाया गया। सेवानिवृत्त शिक्षक के गले व चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। चिकित्सक बेटे का कहना है कि उनके पिता की भूमि विवाद को लेकर गांव में रंजिश चल रही थी। पिता की गला दबाकर हत्या की गई है। चिकित्सक बेटे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा।
थाना कौड़िया क्षेत्र के रामापुर गांव के रहने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि उनके पिता सेवानिवृत्त शिक्षक रामलोचन मिश्र (74) की गांव के कुछ लोगों से भूमि विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। उनके पिता गांव के घर पर अकेले रहते थे। मंगलवार की रात खाना खाने के बाद अपने घर में सो गए थे। मगर बुधवार की सुबह देर तक उनके घर का दरवाजा नहीं खुला।
दूधिया दूध लेकर पहुंचा तो आवाज लगाई। मगर दरवाजा नहीं खुला तो उसने सेेवानिवृत्त शिक्षक के पड़ोस के रहने वाले उनके भतीजे अशोक मिश्र व उन्हें वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरपी मिश्र को इसकी सूचना दी। घर के अंदर उनका शव संदिग्ध हालात में पड़ा मिला। उनके गले व चेहरे पर चोट के निशान पाए गए हैं। चिकित्सक बेटे का कहना है कि उनके पिता की गला दबाकर हत्या की गई है। चिकित्सक बेटे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना कौड़िया के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा।
पत्नी की मृत्यु के बाद घर में अकेले रहते थे रामलोचन
सेवानिवृत्त शिक्षक रामलोचन मिश्र की पत्नी की तकरीबन 2 साल पहले मृत्यु हो हो गई थी। उनके बड़े बेटे डॉ. आरपी मिश्र बलरामपुर जिला चिकित्सालय में सर्जन के पद पर तैनात हैं। डॉ. आरपी मिश्र की पत्नी कचेहरी के पास रचित मेडिकल सेंटर /नर्सिंगहोम संचालित करती हैं। वह परिवार के साथ कचेहरी के पास रहती हैं। सेवानिवृत्त चिकित्सक के छोटे बेटे डॉ. जीपी मिश्र देहरादून में चिकित्सक के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी सरोज मिश्रा शिक्षिका हैं। वह मुख्यालय पर ही रहती हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक अकेले ही रामापुर गांव के घर पर रहते थे।
मौत की खबर से घर पर लगा लोगों को तांता
सेवानिवृत्त शिक्षक रामलोचन की हत्या की खबर मिलते ही उनके घर पर लोगों का तांता लग गया। ज्योति नारायण तिवारी, रामचन्द्र तिवारी, रवि तिवारी, हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, रविमोहन श्रीवास्तव, रामबदल मिश्र ने उनके घर पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया।