गोंडा। जिले में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थापना से देवीपाटन मंडल के 167 महाविद्यालयों को राहत मिलेगी। महाविद्यालयों के प्रशासनिक काम आसानी से हो जाएंगे। अभी तक महाविद्यालयों के कर्मचारियों को लखनऊ का चक्कर काटना पड़ता है।
देवीपाटन मंडल के गोंडा में 87, बहराइच में 45, बलरामपुर में 24 व श्रावस्ती में 11 महाविद्यालय संचालित हैं। महाविद्यालयों के कामों के लिए कर्मचारियों को लखनऊ जाना पड़ता है। इससे कामकाज में काफी समस्या आती है। साथ ही महाविद्यालयों की ठीक से माॅनीटरिंग भी नहीं हो पाती है। इसे देखते हुए देवीपाटन मंडल में अलग से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके पांडेय ने कहा कि यह निर्णय अच्छा है। इससे सभी काम समय से व आसानी से हो जाएंगे। महाविद्यालय के नैक समन्वयक डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि यह पहल स्वागत योग्य है। इससे काफी सुविधाएं मिलेंगी। शशिभूषण शरण सिंह महाविद्यालय उज्जैनीकला की प्राचार्य डॉ. आभा सक्सेना का कहना है कि प्रशासनिक कामों में तेजी आएगी।
संगोष्ठी में शिक्षा नीति पर चर्चा
परसपुर (गोंडा)। महाकवि तुलसीदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल्यांकन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षा नीति के सकारात्मक एवं नकारात्मक बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। महाविद्यालय की मुख्य नियंता डॉ. सीमा तिवारी ने व्यवसायिक शिक्षा पर बल दिया। संगोष्ठी को डॉ. अनूप शुक्ल व डॉ. ओम नारायण सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में डॉ. ज्योति बाला शुक्ला, डॉ. अनुपम सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ अनिल मोहन दूबे, राकेश कुशवाहा, डॉ. दयाशंकर मिश्र, नरेंद्र नाथ पांडेय, अनुपमा सिंह, संध्या सिंह, राजमन प्रसाद वर्मा मौजूद रहे। (संवाद)