गोंडा। जिले में ईसीसीई (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) एजुकेटरों की भर्ती प्रक्रिया छह माह बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। काउंसिलिंग व अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद चयन सूची अब तक जारी नहीं की जा सकी है। इसका सीधा असर प्रस्तावित बाल वाटिकाओं की शुरुआत पर पड़ रहा है, जिससे प्रारंभिक शिक्षा की योजना अधर में लटक गई है।
प्रथम चरण में जिले में 210 ईसीसीई एजुकेटरों की तैनाती प्रस्तावित है। इनकी नियुक्ति जिले के 14 पीएम श्री विद्यालयों एवं 196 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर होनी है। इन केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाना है, जबकि पांच से छह वर्ष के बच्चों को लक्षित करके निपुण भारत मिशन के मानकों को पूरा कराने की जिम्मेदारी भी एजुकेटरों को सौंपी जानी है।
बीते मई माह में काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बाद अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी कर लिया गया, इसके बावजूद अब तक चयन सूची जारी न होने से अभ्यर्थी असमंजस की स्थिति में हैं। चयनित होने की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी रोजाना बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
बीईओ मुख्यालय राम खेलावन सिंह ने बताया कि नए बीएसए के कार्यभार संभालने के बाद जल्द ही चयन सूची जारी कर दी जाएगी।