गोंडा में सुबह से हो रही बारिश से बचने के लिए छाता लगाकर आते जाते लोग।
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गोंडा। ठंड का कहर तो लोग झेल ही रहे थे, अब बारिश से भी जनजीवन प्रभावित हो गया है। बुधवार की देर रात शुरू हुई बारिश दूसरे दिन भी नहीं थमी। पूरे दिन बारिश से मौसम का मिजाज तो बिगड़ा ही रहा, लोग भी बेचैन रहे। प्रशासन की ओर से तहसील प्रशासन को सतर्क किया गया और जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार तक के लिए कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने रैन बसेरों की व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ ही लोगों को राहत देने के लिए कार्य करने का निर्देश दिया है।
मौसम तो बीते एक हफ्ते से करवटें ले रहा है। कभी कोहरा तो कभी गलनभरी ठंड तो सर्द हवाओं से लोग कांप रहे थे। बुधवार को मौसम ने ऐसी करवट ली कि गुरुवार की सुबह लोग हलकान दिखे। बुधवार को ही मौसम विभाग ने बारिश के संकेत दिए थे। लेकिन पहले संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। देर रात में गुरुवार को स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी हुए। जिससे सुबह बच्चे भीगते हुए स्कूल जाकर लौटे। वहीं ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों में तो गुरुवार को छुट्टी से कोई राहत नही मिला।
खैर गुरुवार को प्रशासन ने दिन में ही शुक्रवार को स्कूलों को बंद किए जाने का फरमान जारी किया। लोगों को कहना है कि ऐसे ही समय रहते अगर अवकाश की सूचना दे दी जाए तो बच्चों को सुबह स्कूल से न लौटना पड़े। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से मौसम में आए बदलाव को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर शुक्रवार को भी स्कूलों में अवकाश किया गया है। वहीं जिलाधिकारी ने लगातार हो रही बारिश से लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। चारो तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और रैन बसेरा में पर्याप्त प्रबंध रखने की हिदायत दी है।
सर्द हवा से सिहरे लोग
बारिश के चलते तापमान में भी उतार-चढ़ाव जारी रहा। रात का तापमान बुधवार को 14 डिग्री सेल्सियस रहा तो गुरुवार के दिन का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। इससे बारिश से तो लोग परेशान दिखे लेकिन तापमान से ठंडक कम ही रहा। सर्द हवाओं से लोग जरूर सिहरते रहे। पूरे दिन मौसम की बेरुखी से हर किसी को परेशानी रही।