करीब दो साल बाद जिले के लोगों को फिर से रेल का सुहाना सफर नसीब होने वाला है। बढ़नी-गोंडा रेल मार्ग पर सितंबर के अंत तक यात्री ट्रेनों के दौड़ने की संभावना बढ़ गई है। एडीआरएम ने शनिवार को रेलवे ट्रैक व स्टेशनों का निरीक्षण कर लोगों में नई उम्मीद जगा दी है। उन्होंने रेलवे स्टेशनों व ट्रैक पर खामियां जल्द से जल्द दूर करने का निर्देश विभागीय कर्मचारियों को दिया है।
एडीआरएम सुरेश सापरा शनिवार को बढ़नी-गोंडा रेल मार्ग पर आमान परिवर्तन कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने रेलवे ट्रैक तथा गोंडा व बढ़नी के बीच सभी स्टेशनों का जायजा लिया।
बता दें कि गोंडा-बढ़नी रेल मार्ग का आमान परिवर्तन कार्य शुरू होने से बढ़नी से बलरामपुर तक नवंबर 2013 में तथा बलरामपुर से गोंडा तक फरवरी 2014 से ट्रेनों का आवागमन बंद कर दिया गया था।
बलरामपुर व झारखंडी स्टेशन पर मौजूद लोगों को एडीआरएम ने बताया कि बढ़नी से गोंडा तक आमान परिवर्तन का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने संभावना जताई कि सितंबर के अंत तक इस रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने शनिवार को नगर के झारखंडी स्टेशन का निरीक्षण करने आए एडीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे सुरेश सापरा को मांग पत्र सौंपा।
मांग पत्र में व्यापारी नेताओं ने गोंडा-बढ़नी रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन शीघ्र शुरू कराने, झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज या अंडर पास का निर्माण कराने, फलवरिया बाईपास मार्ग पर रेलवे गेट बनवाने, झारखंडी रेलवे स्टेशन को उच्चीकृत किए जाने और इस रेल मार्ग पर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अमृतसर, एवं जम्मू आदि शहरों के लिए ट्रेेन चलवाने की मांग की गई है।
इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रमेश पाहवा, महामंत्री अशोक गुप्ता, नगर अध्यक्ष संजय शर्मा, विजय गुप्ता, संतोष गुप्त आदि व्यापारी नेता मौजूद रहे।