गोंडा। स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में लाखों रुपये खर्च कर महीने भर का विशेष संचारी रोग अभियान चलाया जा रहा है। एक से 31 जुलाई तक घर-घर दस्तक देकर बीमार लोगों की कुंडली तैयार करने का दावा किया जा रहा है लेकिन खरगूपुर के कुरासी गांव में सप्ताह भर से डायरिया के पांव पसारने की स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी। नतीजतन पिता-पुत्री की मौत व इसी परिवार के तीन लोगों की हालत बिगड़ गई। इससे संचारी रोग अभियान पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
कुरासी में उल्टी-दस्त से सुशील कुमार शुक्ल (30) और उनकी बेटी शिव देवी उर्फ मिस्टी (01) की मौत के बाद शनिवार को सीएचसी खरगूपुर की टीम गांव पहुंची। डॉ. शिवकुमार, आलोक पाठक, सीएचओ कविता, रामलली आदि ने गांव पहुंचकर बीमार लोगों को दवाएं दीं। गांव में नालियों व जलभराव वाले स्थानों पर दवाओं का छिड़काव कराया। खरगूपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय यादव ने बताया कि पूरा परिवार उल्टी-दस्त से पीड़ित है। ये डायरिया का लक्षण है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि खरगूपुर के कुरासी गांव में उल्टी-दस्त से पिता-पुत्री की मौत की सूचना मिली है। कंट्रोल रूम की टीम रविवार को गांव जाकर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करेगी। जांच के बाद बीमारी फैलने का कारण पता चलेगा।