गोंडा।... क्या आपके यहां स्टेटिक मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक और थानाध्यक्ष पहुंचे या नहीं.. नहीं तो उनका नंबर उपलब्ध कराएं.. बुधवार को केंद्रों पर फोन पर ऐसे ही पूछताछ के बाद जीआईसी से प्रश्नपत्र भेजना शुरू किए गए। इस दौरान पता चला कि रूट चार्ट जारी होने के बाद कई स्टेटिक मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे। हालांकि समन्वय के बाद आपूर्ति सुचारू हो पाई। इस बार पहली बार थानाध्यक्ष को भी प्रश्न-पत्र सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। मनकापुर व तरबगंज तहसील के कुल 61 केंद्रों पर प्रश्न-पत्रों की आपूर्ति की गई है। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन कुल मिलाकर 149 केंद्रों पर आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए केंद्रों के 13-13 रूट प्लान बनाए गए हैं।
बुधवार सुबह 10 बजे से जीआईसी स्थित संकलन केंद्र से केंद्रों पर प्रश्न-पत्रों की आपूर्ति शुरू की गई। इसके लिए हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा केंद्रोें के लिए रूट प्लान जारी किया गया। बावजूद इसके कई केंद्रों पर समय से स्टेटिक मजिस्ट्रेट व अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक नहीं पहुंचे।
डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने अपने कंट्रोल रूम को सक्रिय किया। इसके बाद तरबगंज व मनकापुर तहसील के केंद्रों पर प्रश्न-पत्र भेजा गया। कंट्रोल रूम से केंद्रों पर बातचीत शुरू हुई तो पता चला कि बोर्ड परीक्षा में गैर विभागों से लगाए गए अधिकारी केंद्रों पर पहुंचने में हीलाहवाली कर रहे हैं। डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में लगाए गए स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापक समेत थानाध्यक्षों से समन्वय स्थापित कर प्रश्न-पत्रों को केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
डीआईओएस ने बताया कि सशस्त्र बलों की निगरानी में प्रत्येक केंद्र पर दो-दो सेट भेजे जा रहे हैं। एक सेट की जिम्मेदारी थानाध्यक्ष को दी गई है।
सुरक्षाबलों के साथ ही सीसीटीवी से हो रही निगरानी
- डीआईओएस ने बताया कि जिले के दो राजकीय समेत 149 परीक्षा केंद्रों पर 95,150 विद्यार्थी दोनों पाॅलियों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा देंगे। नकल विहीन व शुचिता पूर्ण परीक्षा करने के लिए स्तर स्तर से निर्देश हैं। वहीं, केंद्र स्तर पर स्ट्रांग रूम बनाया गया है। जिसकी निगरानी सीधे पर जिला मुख्यालय के साथ ही क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर व निदेशालय लखनऊ से भी की जा रही है। किसी तरह से गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।
नकलविहीन परीक्षा कराने की होगी चुनौती
पिछली बार बोर्ड परीक्षा कराने के लिए जिले में कुल 143 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। मगर इस पार छात्रों की संंख्या के हिसाब से छह अतिरिक्त परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पिछले वर्ष के 92,330 के सापेक्ष इस बार 95,150 विद्यार्थी परीक्षा में बैठ रहे हैं। वहीं, 108 निजी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।