गोंडा। पसका गांव मंगलवार को सहमा-सहमा रहा। दरिंदगी की हदें पार कर ऐसी घटना हुई कि हर किसी की आंखें नम रहीं। सोमवार को दलित गुरई की चारों बेटियां हंस-खेल रहीं थीं। मां के साथ दो बेटियों ने खाना बनाने में हाथ भी बंटाया और फिर खा-पीकर बड़ी बेटी अपनी दो बहनों के साथ छत पर बने कमरे में सोने चली गई।
छोटी बेटी मां के साथ नीचे ही बरामद में सो गई। उन्हें क्या पता था कि उनकी हंसती खेलती जिंदगी को किसी दरिंदे की नजर लग गई है। रात ढाई बजे के करीब एसिड अटैक से छटपटाती बेटियों की चीख सुनकर पिता की नींद टूटी तो उसे कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि ये क्या हो गया। पिता के छत पर पहुंचते ही दर्द से तड़प रहीं बेटियां उनसे चिपक गईं, जिससे पिता की बनियान भी जल गई।
घटना ऐसी थी कि पिता गुरई को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। एसिड अटैक की आशंका भी नहीं थी। पहले गुरई को लगा कि बेटियों को करंट लगा होगा। फिर जलने की शंका हुई लेकिन जैसे-जैसे लोग एकत्र हुए तो पता चला कि बेटियों पर एसिड यानी तेजाब फेंका गया है। पूरे घर में धुआं भी फैल गया था।
पिता गुरई आनन-फानन में बेटियों को लेकर एक निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे लेकिन वहां जिला अस्पताल में ही इलाज संभव होने की जानकारी दी गई। हादसे की खबर पाकर गांव के लोग भी एकत्र हुए और सभी ऐसी घटना से हतप्रभ रहे कि आखिर ऐसा किसने किया होगा। अभी तक गांव में ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी और न ही ऐसी किसी घटना होने का अनुमान ही था।
हाईस्कूल की पढ़ाई करने वाली खुशबू (17) अपने पिता व मां की सबसे दुलारी है। वह घर के काम में हाथ बंटाने के साथ ही पिता के काम में भी सहयोग करती है। इसके अलावा कोमल (12) और आंचल (7) भी स्थानीय परिषदीय स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं। इसके अलावा छोटी बेटी स्वाति (5) है। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं भी जोर पकड़ रहीं थीं लेकिन बेटियों के साथ इस घटना से हर कोई दांत पीसते नजर आ रहा था। दरिंदों की पहचान और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग हर किसी की जुबां पर रही।
गुरई पसका गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं और पेट पालने के लिए चौराहे पर कपड़े प्रेस करने का काम करते हैं। परिवार में पति-पत्नी और चार बेटियां ही हैं। गुरई की लोगों में अच्छी छवि है और स्थानीय स्तर पर लोग उन्हें सम्मान भी देते हैं। घटना के बाद उनके घर के आसपास के लोग भी पूरी सहानुभूति के साथ रहे। इस घटना के बाद गांव में अजीब सा माहौल हो गया है।
एसिड अटैक में झुलसी खुशबू की शादी के लिए उसके पिता गुरई वर खोज रहे थे। शादी भले ही एक साल बाद 18 साल उम्र पूरी होने पर करते, लेकिन बाकी की औपचारिकता पूरी करने में वह जुटे थे। एक-एक पाई जोड़कर बेटी के विवाह की तैयारी में लगे पिता गुरई ने लखनऊ में अपने एक रिश्तेदार से बात भी कर रखी थी।
इस साल विवाह तय करके खुशबू के हाथ पीले करने के लिए गुरई कई बार लखनऊ भी जा चुुके थे। 25 अक्तूबर को खुशबू को देखने के लिए उसके रिश्तेदार आने वाले थे। खुशबू की मां सुनीता कहती हैं कि विवाह की तैयारी हो रही थी। एक साल में शादी हो जाती, पर अब क्या होगा। उसके तो सारे सपनों पर पानी ही फिर गया।
एसिड अटैक पीड़ित तीनों बेटियों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनका हाल जानने हर दल के नेता अस्पताल पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष सूर्य नरायन तिवारी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से बात की। इसके अलावा पीड़िता के पिता को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
सपा के पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह ने अस्पताल पहुंचकर बेटियों का हाल लिया और कहा कि पार्टी परिवार के साथ है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव सैफ अली, बसपा नेता मसूद आलम खां, जिलाध्यक्ष मनोज कनौजिया भी अस्पताल पहुंचे और हाल जाना। इसके साथ ही कई दलों के नेताओं ने तीनों बेटियों का हालचाल लिया।
सपा के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने एसिड अटैक से झुलसी बेटियों के पिता से फोन पर बात की। उन्हें मदद का आश्वासन दिया और कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने सरकार को इस मामले पर घेरा और कहा कि बहन-बेटियों को सरकार सुरक्षा नहीं दे पा रही है।
एक के बाद एक हो रही घटनाओं से सरकार कानून-व्यवस्था पर पूरी तरह फेल हो गई है। पसका में पुलिस चौकी होने के बाद भी ऐसी घटना होना चौंकाने वाला है। ऐसी घटनाओं से बेटियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। पूर्व मंत्री ने सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की है।
एसिड अटैक की घटना के बाद मौके पर अफसरों ने डेरा डाल दिया। गुरई के घर का निरीक्षण करने के साथ ही फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। मौके से एसिड की खाली बोतल, एक बल्ली व कपड़ा मिला है। डीआईजी डॉ. राकेश सिंह ने खुद भी उसे देखा और सुरक्षित कराया। एसपी शैलेश पांडेय ने पुलिसकर्मियों के साथ पीड़िता की मां सुनीता से अकेले में बात करके काफी जानकारी हासिल की।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने भी गांव के लोगों से जानकारी ली और हो रही कार्रवाई पर नजर रखी। उन्होंने सरकारी नियमों के तहत पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने की बात कहते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हर किसी ने घटना पर अफसोस जताया। क्षेत्र के सीओ मुन्ना उपाध्याय की निगरानी में पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त शुरू की है।
एसिड अटैक की घटना के बाद मौके पर पहुुंचे डॉग स्क्वाएड ने कई तरह के संकेत दिए। जांच के दौरान खोजी कुत्ता ज्यादा दूर न जाकर थोड़ी ही दूर पर घूमकर रुक जा रहा था। इससे बड़े संकेत मिले हैं। पुलिस भी खोजी कुत्ते की हर हरकत को नोटिस करती रही। मौके पर छत पर चढ़ने के सभी तरीकों का रिहर्सल भी पुलिस ने किया। जिससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सके कि कोई छत पर पहुंचा तो कैसे। बल्ली के सहारे भी छत पर चढ़ने के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि जिसने भी घटना को अंजाम दिया है कि वह घर के कमरों के बारे में जानता था।