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इधर कोरोना के मरीज घटे तो उधर जांच भी घट गई

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गोंडा। जिले में अब कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है। मगर ये कमी क्यों और कैसे आ रही है? इस ओर लोगों की निगाह नहीं जा रही है। बताया जा रहा है कि जिस तरह से कोरोना के मरीज लगातार घट रहे हैं, ठीक उसी तरह से यहां कोरोना की जांच भी तेजी से घट रही है। इसका खुलासा सीधे तौर पर जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई कोरोना की रिपोर्ट से होता है।
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बता दें कि सितंबर महीने की शुरूआत में जब प्रतिदिन कोरोना के मरीज 75 और 100 की संख्या में मिल रहे थे, तब जिले में संक्रमितों की पड़ताल के लिए जांच करीब रोजाना ढाई हजार से तीन हजार लोगों की होती थी। मगर अब हाल ये है कि सैंपलिंग की संख्या सिमटकर एक हजार के नीचे आ गई है।
सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 875 लोगों की सैंपलिंग एक दिन में की गई है। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि कांटेक्ट ट्रेसिंग में जो लोग भी आ रहे हैं उनकी सैंपलिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही जिन लोगों में कोरोना के जैसे सिम्टम होते हैं उनकी सैंपलिंग होती है।
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आरटीपीसीआर की सुविधा मौजूद फिर भी जांच नहीं
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब ट्रॉमा सेंटर और कोविड अस्पताल का शुभारंभ किया था, उसी समय उन्होंने आरटीपीसीआर लैब का भी उद्घाटन किया था। जिसमें कि गोंडा सहित आसपास के जिलों में भी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच हो सकती है। मगर यहां अभी भी अधिकांश आरटीपीसीआर जांच को लखनऊ ही भेजा जा रहा है। काफी सिफारिश पर गोंडा की लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट होता है। खास बात ये है कि जो जांच गोंडा में होती है, उसकी रिपोर्ट उसी दिन आ जाती है।
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फैक्ट फाइल
अब तक कुल जांच 111705
अब तक कुल रिपोर्ट 111697
कुल कोरोना संक्रमित 4081
अब तक कुल ठीक मरीज 3774
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