इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ ने कलेक्ट्रेट गेट पर शुक्रवार को एकजुट होकर प्रदर्शन किया। मदरसा शिक्षक बकाया मानदेय भुगतान को लेकर लामबंद हो गए हैं। शीघ्र बकाया मानदेय का भुगतान न होने पर मदरसा शिक्षकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने जंतु उद्यान व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव व डीएम प्रीति शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर तत्काल बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अब्दुल सलाम ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों में तैनात शिक्षकों को छह माह 15 दिन का केंद्रांश व तीन माह 15 दिनों का राज्यांश 28 मार्च 2016 को शासन ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय पर उपलब्ध करा दिया था, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते मानदेय भुगतान नहीं हो सका।
मानदेय भुगतान न होने पर अधिकारियों ने मानदेय की धनराशि का समर्पित कर दिया। मार्च 2016 से अब तक मदरसा शिक्षक मानदेय भुगतान की लड़ाई लड़ रहे हैं। सभी अफसरों के चौखट का चक्कर काटने के बाद भी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने भुगतान नहीं किया।
विभागीय लापरवाही के चलते मदरसा शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। रमजान शरीफ और ईद को ध्यान रखते हुए तत्काल मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए अन्यथा मदरसा शिक्षक आरपार की लड़ाई के लिए बाध्य होंगे।
प्रेम नारायण शुक्ल, मोहम्मद सुहेल खां, फसीउद्दीन, मोहम्मद इबरार, इजहारुल हक, मोहम्मद साबिर, मुजीबुल्लाह, मैनुद्दीन, मोहम्मद सलाम व सुशील वर्मा सहित तमाम मदरसा शिक्षकों ने धरने को संबोधित करते हुए बकाया मानदेय भुगतान कराने की मांग की।
राज्यमंत्री व डीएम ने मदरसा शिक्षकों को शीघ्र मानदेय भुगतान कराने का भरोसा दिलाया और जिला अल्संख्यक कल्याण अधिकारी यादुवेन्द्र सिंह को भुगतान से संबंधित पत्रावली शासन को भेजने का निर्देश दिया।