गोंडा। फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी प्रधानाचार्य और उनके पुत्र की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने शुक्रवार को खारिज कर दी। इनकी एफआईआर निरस्तीकरण की याचिका हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।
कौड़िया के पिढ़िन कौड़िया गांव स्थित श्री गणेश संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य वेदपति त्रिपाठी पर आरोप है कि उन्होंने विद्यालय प्रबंधक और सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अपने पुत्र वागीश पति त्रिपाठी को 15 अक्तूबर 2024 को नव्य व्याकरण विषय में शिक्षक पद पर नियुक्त कर दिया। जबकि उसी विषय में विद्यापति त्रिपाठी संविदा शिक्षक के रूप में तैनात थे। प्रधानाचार्य पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे डीआईओएस कार्यालय से भी पत्राचार करने का आरोप है। मामले का खुलासा होने पर विद्यालय प्रबंधक व्याकुल किशोर मिश्र ने आठ अक्तूबर 2025 को कौड़िया थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए पिता-पुत्र ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एफआईआर निरस्त करने की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 28 अक्तूबर को अधिवक्ता द्वारा बल न देने के आधार पर खारिज कर दिया। जिला न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान एडीजे (चतुर्थ) नित्या पांडेय ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।