गोंडा। अभी तक त्यौहारों में फलों व सब्जियों के दाम में बढ़ोत्तरी होती रही है। मगर कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन के दौरान यहां फलों व सब्जियों के दाम में अचानक आई उछाल लोगों की पाकेट पर भारी पड़ रही है। फल और सब्जियों के दाम में आई उछान को रोकने का प्रशासन दावा तो कर रहा है। मगर फल और सब्जी के बढ़े दाम को रोकने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। बढ़े दाम का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
मार्च माह में होली से पहले फलों व सब्जियों के दाम में पांच से दस रुपए की बढ़ोत्तरी हुई थी। मगर इससे लोगों को कोई खास परेशानी नहीं हुई। हमेशा की तरह लोगों ने मान लिया था कि हर त्यौहार में फलों व सब्जियों की कीमत में इतनी बढ़ोत्तरी होती है, लेकिन त्यौहार खत्म होने के बाद फल और सब्जियों के दाम कम हो गए थे। कोरोना जैसी महामारी को लेकर पहले सतर्कता और साफ-सफाई के लिए लोगों को जागरुक करने की बात होती रही। इस बीच भी दामों में उछान की संभावना नहीं थी। मगर 21 मार्च की रात प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का एलान किया तो अचानक बाजारों में भीड़ बढ़ गई। लोग जरुरत की चीजों की खरीददारी करने में जुट गए। इसका फायदा उठाते हुए फल और सब्जी दुकानदारों ने दाम बढ़ा दिए। मगर लोगों ने मजबूरी में खरीदारी की। इसके बाद दो दिनों तक अघोषित लॉकडाउन हुआ। जिससे फल और सब्जियों के दाम में एक बार फिर उछाल आया। मगर 24 मार्च को प्रधानमंत्री के 25 मार्च से 14 अप्रैल तक के लॉकडाउन के आदेश के बाद फल और सब्जी के दाम में तेजी से आई उछाल से लोग परेशान हैं। प्रशासन फल और सब्जी के बढ़े दाम पर रोक लगाने में कामयाब नहीं हो पाया है। बढ़े दाम प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं हैं।
सब्जियों के दाम, रुपये प्रति किलो में
पहले अब
आलू-15-20 30-35
टमाटर-15-20 40-45
लौकी-15-20 40-45
बैँगन-30-35 40-50
भिंडी-40-45 50-60
परवल-40-45 50-60
फलों के दाम पहले और अब रुपये प्रति किलो में
पहले अब
संतरा-20-25 50-60
अंगूर-50-60 80-100
सेब-50-60 80-100
पपीता-30-40 50-60
केला-30-40 रुपए प्रति दर्जन 50-60 रुपए प्रति दर्जन
-व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके फल एवम् सब्जी के आढ़तियों को निर्देश दिए गए है कि वह लॉक डाउन के दौरान फल और सब्जी के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे और न ही उसे डम्प किया जाएगा। अगर इसके बाद भी शिकायत मिलती है तो आढ़ती के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -वंदना त्रिवेदी, नगर मजिस्ट्रेट