गोंडा। स्वच्छता का बजट दबाने के मामले की जांच शुरू करने की तैयारी हो रही है। सिर्फ बेलसर में ही दस पंचायतों ने पांच करोड़ रुपये का बजट दबा रखा है। पूरे जिले की 400 से अधिक पंचायतों में करीब 40 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं किए गए हैं। इन पंचायतों की जांच शुरू हो गई है। जिन पंचायतों ने बजट खर्च नहीं किया है वहां के प्रधान व सचिव को चिन्हित करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ने कड़े तेवर अपनाए हैं और डीपीआरओ से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
जिले के 1054 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय बनवाने के साथ ही स्वच्छता की अन्य योजनाओं के लिए सौ करोड़ से अधिक का बजट दो वर्षों में दिया जा चुका है। पंचायतों ने कार्य भी किया लेकिन कई पंचायतों में योजना की अनदेखी की गई है। करीब चार सौ पंचायतों में पांच लाख रुपये से अधिक का बजट डंप है। इसमें सौ पंचायतों में तो बीस लाख रुपये से अधिक का बजट डंप है।
ब्लॉक स्तर पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने कई बार पंचायतों को नोटिस देकर कार्य कराने और बजट का उपभोग देने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद भी 400 पंचायतों ने योजना को गंभीरता से नहीं लिया है। यही नहीं बजट खर्च न होने से एक लाख के करीब शौचालयों के निर्माण भी प्रभावित हैं। अब प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। पंचायतों से जवाब तलब कर कार्रवाई तय की जा रही है।
विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन में तय किए गए लक्ष्य को पूरा कराने के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन से जिन पंचायतों में बजट डंप है और कार्य नहीं हो रहे हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ब्लॉकों से रिपोर्ट ली जा रही है। -धनशयाम सागर, डीपीआरओ गोंडा