गोंडा। प्रधानमंत्री दो अक्तूबर को देश को खुले में शौच मुक्त घोषित करने वाले हैं। लेकिन यहां स्वच्छता अभियान को प्रधान व वहां के सचिव पलीता लगा रहे हैं। मंगलवार को डीएम ने समीक्षा करते हुए पाया कि जिले में 30 ग्राम प्रधान ऐसे हैं जो अभियान में रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने नोटिस जारी करते हुए प्रधान व सचिव को 31 अगस्त तक की मोहलत देते हुए निर्माण पूरा कराने का आदेश दिया है।
बताते चलें कि जिले के तीस ग्राम पंचायतों के खाते में शौचालय निर्माण के मद में बीस करोड़ उन्यासी लाख रुपये डंप पड़े हुए हैं। लापरवाही से नाराज डीएम ने मीटिंग में न आने वाले चार ग्राम प्रधानों उपाध्यायपुर ग्रंट, धुसवा चांदपुर, मझारा तथा वनगांव को धारा 95-1 जी की नोटिस देने के आदेश दिए गए हैं।
इसी प्रकार उपाध्यायपुर ग्रंट की सचिव मीरा पांडेय, रूद्रगढ़ नौसी के सचिव रत्नाकर गुप्ता, बक्सरा आज्ञाराम के सचिव पवन कुमार तथा एडीओ पंचायत मनकापुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मुजेहना बनकसिया शिवरतन सिंह के ग्राम प्रधान की जगह दूसरे व्यक्ति द्वारा प्रधानी चलाने की बात सामने आई। प्रधानी चलाने वाला व्यक्ति पंकज सिंह भी डीएम की मीटिंग में प्रधान की जगह आया हुआ था।
डीएम ने प्रधानी चला रहे पंकज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा ग्राम प्रधान को नोटिस देने के आदेश डीपीआरओ को दिए हैं। समीक्षा में ज्ञात हुआ कि 30 ग्राम प्रधानों के सापेक्ष डीएम की मीटिंग में मात्र 8 ग्राम प्रधान आए बाकी ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधि आए हुए थे। इससे नाराज डीएम ने चेतावनी दी है कि उनकी किसी भी मीटिंग यदि कोई प्रतिनिधि आएगा तो कठोर कार्यवाही करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार व प्रदेश सरकार की महत्वांकाक्षी योजना है जिसके लिए शासन से प्राप्त बजट को ग्राम प्रधानों के खातों में भेजा जा चुका है लेकिन धन होने के बावजूद ग्राम प्रधानों द्वारा शौचालय निर्माण में रूचि नहीं जा रही है।
उन्होंने सचिवों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 31 अगस्त तक शौचालय का पैसा पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा तो वे ऐसे पंचायत सचिवों को सीधे निलंबित कर विभागीय कार्यवाही करेंगे।