गोंडा। पावर कार्पोरेशन बकाया बिजली बिल वसूलने में अपनों से ही जूझ रहा है। आम उपभोक्ता तो हैं ही सरकारी महकमे तो बड़े झटके दे रहे हैं। 20 सरकारी विभागों के साथ ही दो हजार बड़े बकाएदार ही पावर कार्पोरेशन का 56 करोड़ रुपये का बिजली का बिल दबाये बैठे हैं।
दिक्कत तो यह है कि ये बकाएदार अपने रसूख से कई सालों से बिल नहीं दे रहे हैं और पावर कार्पोरेशन को आंखे भी दिखा रहे हैं। अब ऐसे लोगों की सूची सीधे प्रबंध निदेशक माध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने ही जारी की है। अभियान चलाकर इनके कनेक्शन काटने के साथ ही मीटर तक उखाड़ने का फरमान दिया है। अभियान में अब तक लोक निर्माण विभाग के साथ ही करीब एक हजार कनेक्शन काटे जा चुके हैं।
पावर कार्पोरेशन पर विद्युत आपूर्ति के लिए तो बराबर दबाव है लेकिन बिल भुगतान के लिए सरकारी महकमे ही हाथ खींचे बैठे हैं। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल की एक करोड़ रुपये के बिल का भुगतान नहीं कर रहा है। बिजली काटने में मरीजों और तीमारदार की समस्या की आंड ली जा रही है। ऐसे ही पुलिस अधीक्षक पर सात लाख बाकी है, वहीं पीएसी पर ही 13 लाख का बकाया है।
एफसीआई पर 3.50 लाख, सीडीओ 7.50 लाख रुपये बकाया है। इसके साथ ही अन्य कई विभागों पर 3 करोड़ का बकाया है। जो कई बार पत्राचार के बाद भी बिल का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। पूरे जिले में थानों और पुलिस चौकियों पर ही 15 लाख से अधिक का बकाया है। पावर कार्पोरेशन ऐसे प्रभावशाली विभागों से वसूली करने के चिरौरी कर रहा है। हाथ डालने से विभाग के कर्मचारी भी कतरा रहे हैं।
सरकारी महकमे भले ही बजट न होने की बात कह कर बिल भुगतान कराने के लिए शासन से पत्राचार का दावा कर रहे हैं लेकिन बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। हर महीने भुगतान न करने से बिल बढ़ गया है। इसके अलावा 2000 बड़े बकाएदारों की सूची भी जारी की गई है।
वहीं पावर कार्पोरेशन अब बिल भुगतान न करने वाले विभागों के कनेक्शन काटने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग तीन लाख रुपये का बिल बाकी था। उसका कनेशन काटकर बड़ा संदेश देने का काम किया। फिर भी सरकारी महकमों ने अभी तक बिल जमा नहीं किया है।
अब अन्य विभागों की बिजली गुल करने की तैयारी भी हो रही है। अभियान से तीन दिनों में 1000 से अधिक कनेक्शन तो कटे हैं लेकिन बकाया की वसूली नहीं हो पा रही है। सिर्फ 25 लाख तक ही वसूली की जा सकी है। इससे पावर कार्पोरेशन को झटका लगा है।