गोंडा। आज डेंगू दिवस है। डेंगू पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास के बाद भी बीमारी का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चिकित्सकों का कहना है कि स्वच्छता अपनाएं, डेंगू से निजात पाएं। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
वर्ष 2021 में जिले में जहां डेंगू के 137 केस सामने आए थे, वहीं बीते वर्ष मरीजों की संख्या बढ़कर 325 पहुंच गई थी। अभी तक मानसून की दस्तक नहीं हुई, लेकिन डेंगू के छह केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में 11 विभाग मिलकर साल में दो बार संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाते हैं। घर-घर दस्तक देकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के तरीके बताए जाते हैं।
चिराग तले अंधेरा
स्वास्थ्यकर्मी लोगों को जलभराव नहीं होने देने की सीख दे रहे हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय के पास पूरे साल गंदा पानी भरा रहता है। मेडिकल कॉलेज में कोविड बिल्डिंग के सामने स्वास्थ्यकर्मियों के आवास के पास सालभर गंदा पानी भरा रहता है। ऐसे में दूसरों को ज्ञान देने वाला विभाग खुद अपने परिसर से जलभराव नहीं दूर कर पा रहा है।
डेंगू के लक्षण
- अचानक तेज बुखार आना व सिर दर्द होना।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंख के पीछे दर्द होना।
- शरीर में लाल चक्कते पड़ना, उल्टी आना व जी मचलाना।
- शरीर में अत्यधिक कमजोरी व थकान महसूस होना।
- गंभीर मामलों में नाक, मसूड़ों व कान से खून आना।
बचाव के उपाय
- मच्छरदानी लगाकर सोएं, घर के आसपास जलभराव न होने दें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- कूलर का पानी व फ्रिज की ट्रे का पानी नियमित बदलते रहें।
- डेंगू संक्रमण होने पर नारियल पानी व सादा पानी का खूब सेवन करें।
- बिना डॉक्टर के परामर्श के कोई भी दवा न लें।
केस बढ़े लेकिन मौत पर लगा अंकुश
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसजेडए जैदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से डेंगू के केस तो बढ़ रहे हैं, लेकिन बेहतर देखभाल व उपचार के कारण तीन साल से किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जिले में जहां भी डेंगू के मरीज की पुष्टि होती है, वहां टीम भेजकर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।