गोंडा। जिले में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश ने बिजली व्यवस्था को बेपटरी कर दिया। शुक्रवार रात से शनिवार तक अलग-अलग क्षेत्रों में तकनीकी खराबी, एचटी लाइन टूटने और ट्रांसफार्मर में आग लगने से कई उपकेंद्रों की आपूर्ति बाधित रही। इसके चलते इटियाथोक, वजीरगंज, परसपुर और माधोपुर क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों में 12 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों को काफी परेशानी उठाना पड़ी। दूसरी ओर वजीरगंज क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई।
इटियाथोक उपकेंद्र से जुड़े साउथ, खरगूपुर और बलरामपुर फीडरों की बिजली शुक्रवार रात करीब दो बजे बारिश के दौरान बाधित हो गई। इससे करीब 30 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। साउथ और खरगूपुर फीडर की बिजली शनिवार सुबह बहाल कर दी गई, जबकि बलरामपुर फीडर की आपूर्ति दोपहर 2 बजे बहाल हो सकी। वजीरगंज के मोहनपुर उपकेंद्र पर शुक्रवार रात 11 बजे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से आग लग गई। मरम्मत के बाद जैसे ही सप्लाई चालू की गई, 33 केवी लाइन का इंसुलेटर टूट गया। इसके चलते करीब 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
माधोपुर क्षेत्र के नरायनपुर कला फीडर की बिजली शुक्रवार रात 10 बजे बारिश शुरू होते ही ठप हो गई। शनिवार सुबह करीब आठ बजे बिजली बहाल होने पर लोगों ने राहत महसूस की। परसपुर में आंटा नहर के पास निर्माणाधीन बाईपास के समीप 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार टूट जाने से बांसगांव फीडर के करीब 40 गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित रह। वहीं चकरौत फीडर करीब चार घंटे ब्रेकडाउन में रहा। कस्बे में कई स्थानों पर जंपर कटने से भी लोगों को घंटों बिजली संकट से जूझना पड़ा।
करंट से भैंस की मौत, मुआवजे की मांग
वजीरगंज। क्षेत्र के हाथी दुबे पुरवा निवासी राधेश्याम दुबे की भैंस शनिवार शाम बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मर गई। पशुपालक के अनुसार भैंस गर्भवती थी और उसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये थी। उन्होंने बिजली विभाग से मुआवजे की मांग की है। एसडीओ विकास यादव ने मामले की जांच कराने की बात कही, जबकि लेखपाल दीपक त्रिपाठी ने एक लाख रुपये का मूल्यांकन कर रिपोर्ट तहसील भेजने की जानकारी दी। (संवाद)